कांकेर । जिले के सिटी काेतवाली पलिस ने 2 अलग-अलग मामलों
में 4 आरोपियों को पुलिस ने पकड़ा है। नकली बीड़ी बनाने और बेचने के आरोप
में एक व्यक्ति पकड़ाया वहीं, दूसरे मामले में धोखाधड़ी के आरोप में 3
आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। नकली बीड़ी बनाने वाले आरोपी पर एक
प्रसिद्ध ब्रांड के नाम का कॉपीराइट उल्लंघन करने का आरोप है। पुलिस ने
उसके गोदाम से करीब 1 लाख रुपए मूल्य की 10,105 नकली बीड़ी के पैकेट /
कट्टे जब्त किए हैं। वहीं, धोखाधड़ी के आरोपियों ने अवैध लेनदेन के लिए
कांकेर सहित अन्य बैंकों में खाते खुलवाए थे।
हले मामले में पनकली बीड़ी मामले मेें दयालाल मेघजी एंड कंपनी रायपुर के
परचेज मैनेजर सुनील पचौरी की शिकायत पर की गई। पचौरी ने पुलिस को बताया कि
बाजार में ‘बादशाही फरमास बीड़ी’ के पैकिंग रैपर्स का डिज़ाइन कॉपीराइट
कानून के तहत पंजीकृत है। पिछले कुछ सालों से नकली बीड़ी बनाकर बेची जा रही
थी। शिकायत के मुताबिक, नकली बीड़ी की बिक्री से कंपनी की सालाना बिक्री
में भारी गिरावट आ रही थी। इससे सरकार को मिलने वाले राजस्व और फर्म के
हजारों बीड़ी श्रमिकों के रोजगार पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा था।
कोतवाली थाना क्षेत्र कांकेर में दर्ज शिकायत के आधार पर पुलिस ने 30
अक्टूबर को आरोपी स्वरूप चोपड़ा के खिलाफ कॉपीराइट अधिनियम 1957 की धारा 63
के तहत मामला दर्ज किया। जांच के दौरान, पुलिस ने श्यामा नगर टिकरापारा
निवासी स्वरूप चोपड़ा को नकली बीड़ी उपभोक्ताओं को बेचते हुए पाया। पुलिस
ने आरोपी स्वरूप चोपड़ा से जब्त बीड़ियों के वैध दस्तावेज मांगे। दस्तावेज
प्रस्तुत न कर पाने पर उसे गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने उसके कब्जे से
10,105 पैकेट/कट्टे नकली बादशाही गोला बीड़ी जब्त की, जिनकी अनुमानित कीमत 1
लाख रुपए है। मामले की आगे की जांच जारी है।, दूसरा मामले में कांकेर पुलिस ने धोखाधड़ी और आपराधिक कृत्यों से प्राप्त
राशि को छिपाने तथा उपयोग करने के आरोप में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया
है। इन आरोपियों ने अवैध लेनदेन के लिए कांकेर सहित अन्य बैंकों में खाते
खुलवाए थे।गिरफ्तार किए गए आरोपियों में बड़ेपारा किरगोली निवासी शत्रुधन
राम मंडावी (24 साल) और पेटोली निवासी रविशंकर मंडावी (28 साल) शामिल हैं।
जांच में पता चला कि इनके बैंक खातों में कुल 59 लाख 88 हजार 651 रुपए का
अवैध लेनदेन हुआ था। पुलिस ने इन्हें गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल
भेज दिया है। पूछताछ के दौरान, रविशंकर मंडावी ने रांची के धीरज कुमार और
गोरेलाल सहित अन्य लोगों के धोखाधड़ी में शामिल होने की जानकारी दी।
केंद्रीय जेल जगदलपुर में बंद इन आरोपियों के लिए कांकेर न्यायालय से
प्रोडक्शन वारंट जारी किया गया था। इसके बाद, बिहार के डोगीगंज, जिला छपरा
के इस्मालपुर निवासीआयुष कुमार राय (20 साल), नालंदा जिले के सुकराव निवासी
धर्मेंद्र कुमार उर्फ धीरज (28 साल) और सुकराव निवासी रेडरोज उर्फ गोरेलाल
(30 साल) को केंद्रीय जेल जगदलपुर से प्रोडक्शन वारंट पर गिरफ्तार किया
गया। इन सभी को कांकेर न्यायालय में पेश किया गया।