Posted By:- Lukesh Dewangan
Posted On:- 14-Apr-2026

सर्वे सेतु ऐप से PVTG बसाहटों का शत-प्रतिशत सैचुरेशन सुनिश्चित होगा:- प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा

मैदानी स्तर पर डिजिटल सर्वे के जरिए जुटाई जा रही जानकारी, योजनाओं की प्रभावी मॉनिटरिंग को मिलेगा बल

रायपुर,  भारत सरकार के जनजातीय कार्य मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के तहत छत्तीसगढ़ शासन द्वारा विशेष पिछड़ी जनजाति (PVTG) समुदाय के समग्र विकास हेतु एक महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। राज्य के सभी 18 PVTG बहुल जिलों में निवासरत परिवारों का व्यापक सर्वेक्षण कर उनकी जानकारी "सर्वे सेतु ऐप" में अपलोड की जा रही है। पीवीटीजी परिवारों की वास्तविक स्थिति जानने और उन्हें योजनाओं से जोड़ने के लिए मोबाइल ऐप के माध्यम से घर-घर सर्वेक्षण किया जा रहा है   प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा ने बताया कि इस डिजिटल सर्वे के माध्यम से PVTG परिवारों की भौतिक एवं सामाजिक स्थिति का सटीक आंकलन किया जा रहा है, जिससे शासकीय योजनाओं का लाभ वास्तविक हितग्राहियों तक प्रभावी ढंग से पहुंच सके। उन्होंने कहा कि यह पहल PVTG समुदाय के शत-प्रतिशत सैचुरेशन की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी।   यह सर्वे कार्य विभागीय मंत्री श्री रामविचार नेताम के निर्देशन में संचालित किया जा रहा है, जबकि प्रमुख सचिव श्री बोरा स्वयं इसकी सतत मॉनिटरिंग कर रहे हैं। पूर्व में सभी संबंधित जिलों के कलेक्टरों को आवश्यक निर्देश जारी कर सर्वे कार्य में तेजी लाने को कहा गया था। राज्य के जिन 18 जिलों में यह सर्वे कार्य चल रहा है, उनमें मनेन्द्रगढ़- चिरमिरी-भरतपुर, बिलासपुर, धमतरी, नारायणपुर, जशपुर, सरगुजा, बलौदाबाजार, कोंडागांव, कांकेर, गौरेला-पेंड्रा- मरवाही, मुंगेली, गरियाबंद, बलरामपुर, कोरबा, खैरागढ़- छुईखदान-गण्डई, कबीरधाम, रायगढ़ और महासमुंद शामिल हैं।