Posted By:- Lukesh Dewangan
Posted On:- 20-Apr-2026

प्रदेश सरकार की सकारात्मक व विकासपरक सोच से जिले में हो रहे नवाचार : श्री साव

रायपुर। प्रदेश के उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, नगरीय प्रशासन एवं विकास, खेल और युवा कल्याण तथा कांकेर जिले के प्रभारी मंत्री श्री अरुण साव ने आज जिला मुख्यालय  कांकेर में विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होकर निर्माण कार्यों का लोकार्पण किया। इस दौरान उन्होंने कोमलदेव शासकीय जिला चिकित्सालय परिसर में ट्रामा सेंटर तथा ओपीडी एवं अतिरिक्त भवन निर्माण कार्य का लोकार्पण किया। इसके अलावा पुत्री शाला परिसर का जीर्णोद्धार कर वित्तीय साक्षरता लैब और कचहरी परिसर स्थित मावा मोदोल कोचिंग संस्थान प्रांगण में कोया बाना आदिवासी संस्कृति संवर्धन संस्थान का भी लोकार्पण जिले के प्रभारी मंत्री श्री साव ने किया। आज दोपहर कोया बाना आदिवासी संस्कृति संग्रहालय के लोकार्पण पश्चात नगरवासियों को संबोधित करते हुए उप मुख्यमंत्री श्री साव ने कहा कि कांकेर जिले के लिए आज का दिन ऐतिहासिक रहा क्योंकि यहां कुल 11 करोड़ 21 लाख रूपए के विभिन्न निर्माण कार्यों और नवाचारों का लोकार्पण हुआ है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार की सकारात्मक और विकासपरक सोच ही परिणाम है कि जिले में इतनी तादाद में विकास की झलकियां देखने को मिल रही हैं। वहीं आने वाली पीढ़ी को आदिवासी संस्कृति और विरासत को करीब से जानने के लिए कोया बाना जैसे बहुउद््देशीय संग्रहालय का आज लोकार्पण हुआ। श्री साव ने कहा कि कांकेर जिले को सहेजने और संवारने का काम शासन, प्रशासन और जिले के जनप्रतिनिधि के द्वारा परस्पर समन्वय के साथ किया जा रहा है। उन्होंने नगरवासियों को इन संस्थानों का लाभ उठाने की अपील की। विशिष्ट अतिथि की आसंदी से कांकेर विधायक श्री आशाराम नेताम ने अपने उद्बोधन में  कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय तथा उप मुख्यमंत्री और जिले के प्रभारी मंत्री श्री साव के नेतृत्व में कांकेर जिले को लगातार सौगातें मिल रही हैं। उन्होंने कहा कि केन्द्र और राज्य सरकार की इच्छाशक्ति से बस्तर के नक्सलमुक्त होने के बाद अब यहां सतत् विकास देखने को मिल रहा है। इसके अलावा सरकारें विभिन्न योजनाओं के माध्यम से यहां की आदिवासी संस्कृति और पारंपरिक विरासतों को संजोने व संवर्धन करने हर संभव प्रयासरत है, जिसका उदाहरण कोया बाना संग्रहालय है जो युवाओं को उनकी प्राचीन परंपरा और सभ्यता से अवगत कराएगा। कार्यक्रम के अंत में उप मुख्यमंत्री एवं अन्य मंचस्थ अतिथियों ने मासिक पत्रिका नवांकुर और हल्बा जनजाति की लोक संस्कृति नामक पुस्तिका का विमोचन किया। विदित हो कि कोया बाना आदिवासी संस्कृति संवर्धन संस्थान में गोड़ी पाठशाला का संचालन और सांस्कृतिक लाइब्रेरी की स्थापना, आदिवासी पुरातत्व संग्रहालय एवं युवाओं के लिए रेडियो स्टूडियो की स्थापना की गई है। उक्त संस्थान की स्थापना जिला खनिज न्यास निधि मद से 30 लाख रूपए की लागत से की गई है।