Posted By:- Lukesh Dewangan
Posted On:- 29-Jul-2026

राखीगढ़ी की ऐतिहासिक विरासत से रूबरू हुए पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल

रायपुर, छत्तीसगढ़ के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने हरियाणा प्रवास के दौरान विश्व की प्राचीनतम नगरीय सभ्यताओं में शामिल सिंधु-घाटी (हड़प्पा) सभ्यता के प्रमुख पुरातात्विक स्थल राखीगढ़ी टीला का अवलोकन किया। उन्होंने इस ऐतिहासिक धरोहर का निरीक्षण करते हुए यहां प्राप्त पुरातात्विक अवशेषों, प्राचीन नगर नियोजन, शिल्पकला, जल प्रबंधन प्रणाली तथा औद्योगिक गतिविधियों से जुड़े महत्वपूर्ण साक्ष्यों की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने कहा कि राखीगढ़ी भारत की प्राचीन सांस्कृतिक, वैज्ञानिक और सामाजिक प्रगति का अद्भुत प्रमाण है, जो विश्व के समक्ष भारतीय सभ्यता की समृद्ध विरासत को स्थापित करता है।

राखीगढ़ी की ऐतिहासिक विरासत से रूबरू हुए पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल

अवलोकन के दौरान श्री अग्रवाल ने कहा कि राखीगढ़ी केवल एक पुरातात्विक स्थल नहीं, बल्कि भारतीय सभ्यता के गौरवशाली इतिहास का जीवंत दस्तावेज है। यहां प्राप्त अवशेष यह प्रमाणित करते हैं कि हजारों वर्ष पूर्व भी भारत में सुव्यवस्थित नगर नियोजन, विकसित शिल्प परंपरा, व्यापारिक गतिविधियां और समृद्ध सांस्कृतिक जीवन विद्यमान था। ऐसे स्थल हमारी सांस्कृतिक चेतना को समृद्ध करते हैं तथा इतिहास को केवल पुस्तकों तक सीमित न रखकर उसे प्रत्यक्ष अनुभव का अवसर प्रदान करते हैं।

राखीगढ़ी की ऐतिहासिक विरासत से रूबरू हुए पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल

उन्होंने कहा कि ऐसी अमूल्य पुरातात्विक धरोहरों का संरक्षण, संवर्धन और उनके ऐतिहासिक महत्व को भावी पीढ़ियों तक सुरक्षित पहुंचाना हम सभी का सामूहिक दायित्व है। विरासत का संरक्षण केवल सरकारी प्रयासों से संभव नहीं है, बल्कि इसके लिए समाज, शिक्षण संस्थानों, शोधकर्ताओं और स्थानीय समुदायों की सक्रिय भागीदारी भी आवश्यक है।