Posted By:- Lukesh Dewangan
Posted On:- 19-Aug-2026

युवाओं की ऊर्जा और रचनात्मकता से बनेगा विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

माय भारत की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने युवाओं को राष्ट्र निर्माण से जोड़ने पर दिया जोर

‘सशक्त युवा-सशक्त छत्तीसगढ़’ के संकल्प के साथ ग्राम से राज्य स्तर तक तैयार होगा मजबूत युवा नेटवर्क

बस्तर के युवाओं को माय भारत से जोड़कर प्रतिभा और नेतृत्व के नए अवसर उपलब्ध कराने के निर्देश

देशभर में माय भारत से जुड़े 2.65 करोड़ से अधिक युवा, छत्तीसगढ़ में 6.60 लाख से अधिक पंजीकृत

रायपुर। भारत दुनिया के सबसे युवा देशों में से एक है और युवाओं की ऊर्जा, प्रतिभा, रचनात्मकता तथा नवाचार की क्षमता ही विकसित भारत के निर्माण की सबसे बड़ी शक्ति है। विकसित भारत के साथ विकसित छत्तीसगढ़ के संकल्प को साकार करने के लिए युवाओं को उनकी रुचि और क्षमता के अनुरूप अवसर देकर राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया से व्यापक रूप से जोड़ना होगा। युवाओं को सामाजिक एवं सामुदायिक गतिविधियों से जोड़ने से उनमें नेतृत्व क्षमता, सेवा भाव, सामाजिक उत्तरदायित्व और राष्ट्र के प्रति समर्पण की भावना मजबूत होगी।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित ‘मेरा युवा भारत’ (माय भारत) की प्रदेश स्तरीय समीक्षा बैठक को संबोधित करते हुए यह बात कही।  मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने बैठक में माय भारत की गतिविधियों की विस्तार से समीक्षा करते हुए प्रदेश के अधिक से अधिक युवाओं को इस मंच से जोड़ने और विभिन्न विभागों की गतिविधियों में उनकी सक्रिय भूमिका सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश का प्रत्येक युवा विकास की मुख्यधारा से जुड़े और राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका निभाए। इसी उद्देश्य से ‘मेरा युवा भारत’ जैसे व्यापक मंच की शुरुआत की गई है। प्रधानमंत्री युवाओं के विचारों, आकांक्षाओं और गतिविधियों में विशेष रुचि लेते हैं तथा युवा शक्ति को विकसित भारत के संकल्प का प्रमुख आधार मानते हैं। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आज का युवा तकनीक और डिजिटल माध्यमों के जरिए पूरी दुनिया से जुड़ा हुआ है। उसकी सोच व्यापक है, उसमें नवाचार की क्षमता है और वह तेजी से बदलाव को आत्मसात कर सकता है। युवाओं की यही ऊर्जा सकारात्मक और राष्ट्रहित के कार्यों में लगे, इसके लिए उन्हें सही दिशा, अवसर और मंच उपलब्ध कराना आवश्यक है। आने वाले वर्षों में यही युवा देश और प्रदेश का नेतृत्व करेंगे, इसलिए उनमें नेतृत्व क्षमता विकसित करने और सामाजिक सरोकारों से जोड़ने के लिए अभी से सुनियोजित प्रयास किए जाने चाहिए।
*हर क्षेत्र में युवाओं को मिलें सेवा और नेतृत्व के अवसर*-मुख्यमंत्री श्री साय ने स्वास्थ्य, स्वच्छता, शिक्षा, खेल, पर्यावरण संरक्षण, सिविक सेंस, इतिहास, पर्यटन, कौशल विकास, कृषि, तकनीकी शिक्षा, आपदा प्रबंधन और सामाजिक कल्याण सहित विभिन्न क्षेत्रों में युवाओं की भूमिका बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों में युवा शक्ति का सहयोग उपयोगी हो सकता है, वहां माय भारत के माध्यम से उन्हें अवसर दिए जाएं। इससे एक ओर युवाओं को व्यावहारिक अनुभव मिलेगा, वहीं दूसरी ओर उनकी ऊर्जा और रचनात्मकता का समाज और प्रदेश के हित में बेहतर उपयोग होगा। मुख्यमंत्री श्री साय ने ‘सशक्त युवा-सशक्त छत्तीसगढ़’ की भावना के अनुरूप ग्राम से लेकर राज्य स्तर तक मजबूत समन्वय और युवा नेटवर्क विकसित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि युवाओं की प्रतिभा को पहचानना, उन्हें अवसर देना और नेतृत्व के मंच उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। डिजिटल डिटॉक्स, सेवा भाव, सामाजिक जुड़ाव और सामुदायिक उत्तरदायित्व से संबंधित गतिविधियों को भी प्रोत्साहित किया जाए।
*माय भारत से देशभर में जुड़े 2.65 करोड़ से अधिक युवा*-बैठक में बताया गया कि ‘मेरा युवा भारत’ युवाओं को सरकार, समाज और राष्ट्र निर्माण की गतिविधियों से जोड़ने वाला डिजिटल एवं भौतिक मंच है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने 31 अक्टूबर 2023 को इसका शुभारंभ किया था। वर्तमान में देशभर में 2.65 करोड़ से अधिक युवा माय भारत प्लेटफॉर्म पर पंजीकृत हैं। छत्तीसगढ़ में भी 6.60 लाख से अधिक युवा इस मंच से जुड़ चुके हैं। माय भारत को युवाओं और सरकार के बीच सिंगल विंडो डिजिटल प्लेटफॉर्म के रूप में विकसित किया जा रहा है, जहां युवाओं को स्वयंसेवा, अनुभव आधारित शिक्षण, कौशल, नेतृत्व तथा राष्ट्र निर्माण से जुड़ी विभिन्न गतिविधियों और अवसरों की जानकारी एक ही स्थान पर उपलब्ध हो सके। युवाओं की सुविधा के लिए माय भारत ऐप भी विकसित किया गया है।
*अनुभव आधारित कार्यक्रमों से युवाओं को मिल रहा व्यावहारिक अवसर*-बैठक में जानकारी दी गई कि देशभर में 24 हजार 900 से अधिक ईएलपी (Experiential Learning Programmes) के माध्यम से 1.21 लाख युवाओं को शासन की विभिन्न गतिविधियों से जुड़ने और व्यावहारिक अनुभव प्राप्त करने का अवसर मिला है। छत्तीसगढ़ में 233 ईएलपी के माध्यम से 2 हजार 389 से अधिक युवा जुड़े हैं। इसी प्रकार देशभर में 1.53 लाख से अधिक स्वयंसेवा अवसरों के माध्यम से 10 लाख से अधिक युवाओं को सेवा गतिविधियों से जोड़ा गया है। छत्तीसगढ़ में 5 हजार 778 वालंटियर अवसरों के माध्यम से 23 हजार 900 से अधिक युवाओं ने विभिन्न गतिविधियों में भाग लिया है। केंद्र सरकार की योजनाओं और कार्यक्रमों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए क्विज मॉड्यूल के माध्यम से भी देशभर में 65 लाख से अधिक युवाओं को जोड़ा गया है।
*गांव से राज्य तक तैयार होगा युवा नेटवर्क*-बैठक में बताया गया कि मेरा युवा भारत की संगठनात्मक संरचना के अंतर्गत मुख्यालय के साथ 36 राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों में कार्यालय, जिला कार्यालय, युवा क्लब और माय भारत स्वयंसेवकों की व्यवस्था है। इस नेटवर्क के माध्यम से ग्राम स्तर से लेकर राज्य स्तर तक युवाओं को विभिन्न गतिविधियों और अवसरों से जोड़ा जा रहा है। मुख्यमंत्री श्री साय ने युवाओं को गैर-राजनीतिक सामाजिक एवं रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ने पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि युवाओं की रुचि और प्रतिभा की पहचान कर उन्हें ऐसे अवसर उपलब्ध कराए जाएं, जिनसे उनके व्यक्तित्व और नेतृत्व क्षमता का विकास हो तथा समाज के प्रति जिम्मेदारी की भावना भी मजबूत बने।