Posted By:- Lukesh Dewangan
Posted On:- 15-Sep-2026

जापान से आए एहिमे यूनिवर्सिटी के प्रतिनिधिमंडल ने देखा छत्तीसगढ़ की प्राचीन विरासत का वैभव, सिरपुर की ऐतिहासिक धरोहर ने किया अभिभूत

रायपुर। छत्तीसगढ़ की समृद्ध ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और पुरातात्विक विरासत को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड  ने जापान के मत्सुयामा स्थित एहिमे यूनिवर्सिटी के 17 सदस्यीय अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधिमंडल के लिए विशेष हेरिटेज टूर का आयोजन किया। अकादमिक एवं शोध सहयोग के उद्देश्य से 12 से 14 सितंबर 2026 तक एनआईटी रायपुर द्वारा होस्ट किए गए जापानी डेलीगेशन ने 14 सितंबर को प्राचीन ऐतिहासिक नगरी  सिरपुर का भ्रमण कर छत्तीसगढ़ की उस विरासत को करीब से जाना, जिसमें बौद्ध, हिंदू और जैन संस्कृति का अद्भुत समन्वय दिखाई देता है।

छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड ने 17 सदस्यीय अंतरराष्ट्रीय डेलीगेशन के लिए आयोजित किया विशेष हेरिटेज टूर

मुख्य हॉस्पिटैलिटी एवं आयोजन सहयोगी के रूप में छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड ने अंतरराष्ट्रीय मेहमानों के लिए सिरपुर में विशेष हेरिटेज टूर की व्यवस्था की। डेलीगेशन को सिरपुर की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि, स्थापत्य कला, पुरातात्विक महत्व और धार्मिक-सांस्कृतिक विविधता से परिचित कराने के लिए विशेषज्ञ स्थानीय गाइड की सेवाएं ली गईं। साथ ही जापानी मेहमानों की खान-पान संबंधी पसंद को ध्यान में रखते हुए विशेष हॉस्पिटैलिटी एवं भोजन की व्यवस्था भी की गई।

सिरपुर - इतिहास, धर्म और स्थापत्य का अद्भुत संगम

महानदी के तट पर बसा सिरपुर प्राचीन काल में  श्रीपुर  के नाम से जाना जाता था और दक्षिण कोसल की राजधानी के रूप में इसका महत्वपूर्ण स्थान रहा। वर्तमान सिरपुर में हुए पुरातात्विक उत्खननों से बौद्ध विहारों, हिंदू मंदिरों, जैन अवशेषों तथा अन्य प्राचीन संरचनाओं का विस्तृत संसार सामने आया है। यहां बौद्ध, हिंदू और जैन परंपराओं से जुड़े अनेक पुरातात्विक अवशेष मौजूद हैं।