Posted By:- Lukesh Dewangan
Posted On:- 30-Sep-2026

बदलते बस्तर की कहानी: दिल्ली के 43 इंफ्लुएंसर्स ने नेतानार में देखी शांति, आत्मनिर्भरता और विकास की तस्वीर

रायपुर। कभी नक्सल हिंसा और भय की खबरों के कारण देश के सामने एक अलग पहचान रखने वाला बस्तर अब बदलाव की नई कहानी लिख रहा है। इस बदलाव को करीब से देखने और समझने के लिए दिल्ली से आए 43 इंफ्लुएंसर्स और डिजिटल कंटेंट क्रिएटर्स ने बस्तर का भ्रमण किया। उनके कैमरों ने इस बार बस्तर के जंगलों और प्राकृतिक सौंदर्य के साथ-साथ उस सामाजिक बदलाव को भी दर्ज किया, जहां शांति के साथ विकास और आत्मनिर्भरता की नई संभावनाएं आकार ले रही हैं। बस्तर भ्रमण के दौरान दिल्ली से आए इंफ्लुएंसर्स नेतानार स्थित शहीद वीर गुंडाधुर सेवा डेरा पहुंचे। यहां उन्होंने स्थानीय स्तर पर महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए संचालित सिलाई-कढ़ाई एवं अन्य स्वरोजगार गतिविधियों को करीब से देखा। प्रशिक्षण केंद्र में चलती सिलाई मशीनों की आवाज उनके लिए बदलते बस्तर की एक ऐसी तस्वीर थी, जिसमें संघर्ष की जगह हुनर, भय की जगह भरोसा और निर्भरता की जगह आत्मनिर्भरता दिखाई दे रही थी।

’महिलाओं के हाथों में हुनर, परिवार की अर्थव्यवस्था मजबूत करने की पहल’-नेतानार में महिलाओं को सिलाई-कढ़ाई सहित विभिन्न स्वरोजगार गतिविधियों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। उद्देश्य है कि स्थानीय महिलाएं अपने हुनर को रोजगार से जोड़कर आर्थिक रूप से सशक्त बनें और परिवार की आय में योगदान दे सकें। इंफ्लुएंसर्स ने प्रशिक्षण प्राप्त कर रही महिलाओं से सीधे संवाद किया। उन्होंने महिलाओं के अनुभव, प्रशिक्षण से मिले अवसर और स्वरोजगार से जुड़ने के बाद आए बदलावों को जाना। कई महिलाओं के लिए हुनर सीखना केवल प्रशिक्षण नहीं, बल्कि अपने पैरों पर खड़े होने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इन महिलाओं की कहानी में बस्तर के बदलते सामाजिक परिवेश की झलक भी दिखाई देती है। जिस क्षेत्र की चर्चा कभी हिंसा और भय के संदर्भ में होती थी, वहीं अब महिलाओं के हाथों में रोजगार का हुनर और भविष्य को लेकर नई उम्मीद दिखाई दे रही है।

’शहीद वीर गुंडाधुर की ऐतिहासिक विरासत से भी हुए परिचित’-नेतानार पहुंचने वाले इंफ्लुएंसर्स ने केवल वर्तमान को नहीं देखा, बल्कि बस्तर के इतिहास और उसकी गौरवशाली विरासत को भी समझा। उन्होंने शहीद वीर गुंडाधुर के जीवन, उनके योगदान और बस्तर के इतिहास में उनके महत्व के बारे में जानकारी प्राप्त की। ऐतिहासिक विरासत और वर्तमान विकास की यह तस्वीर उनके लिए बस्तर को समझने का अलग अनुभव रहा। एक ओर जहां नेतानार की धरती बस्तर के इतिहास और जननायकों की स्मृतियों को संजोए हुए है, वहीं दूसरी ओर यहां महिलाओं के लिए स्वरोजगार और आत्मनिर्भरता की गतिविधियां वर्तमान समय में बदलाव की कहानी कह रही हैं।