भारी बारिश और बाढ़ के बीच युद्धस्तर पर राहत एवं बचाव अभियान, 49 हजार से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया गया
प्रदेशभर में 152 राहत शिविर स्थापित, लगभग 12 हजार प्रभावितों के रहने और भोजन की व्यवस्था
जनहानि, पशुहानि, मकान और फसल क्षति पर त्वरित आर्थिक सहायता, ₹2.16 करोड़ से अधिक की क्षतिपूर्ति राशि स्वीकृत एवं वितरित
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देश पर प्रभावित क्षेत्रों में जिला प्रशासन मुस्तैद, शेष क्षति का आकलन कर शीघ्र सहायता पहुंचाने के निर्देश
रायपुर. छत्तीसगढ़ में भारी बारिश और बाढ़ से प्रभावित नागरिकों की सुरक्षा और उन्हें त्वरित राहत पहुंचाने के लिए राज्य सरकार द्वारा व्यापक स्तर पर राहत एवं बचाव अभियान संचालित किया गया है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देश पर जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन की टीमें प्रभावित क्षेत्रों में लगातार सक्रिय हैं। प्रदेशभर में जलभराव और बाढ़ में फंसे 49 हजार 793 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया गया है। प्रभावित परिवारों के लिए 152 राहत शिविर स्थापित कर 11 हजार 945 से अधिक लोगों के रहने और भोजन की व्यवस्था की गई है। राज्य में 1 जून से 30 सितम्बर 2026 की अवधि के दौरान, विशेषकर 23 से 29 सितम्बर के बीच हुई मूसलाधार बारिश और बाढ़ से प्रदेश के 33 में से 22 से अधिक जिलों में जनजीवन प्रभावित हुआ। नदियों और नालों में जलस्तर बढ़ने से 1,083 गांवों के 74 हजार 130 से अधिक नागरिक प्रभावित हुए। बाढ़ का सर्वाधिक प्रभाव दक्षिण छत्तीसगढ़ के सुकमा और बस्तर जिलों में देखा गया। सुकमा जिले के 25 गांवों के 40 हजार 714 तथा बस्तर जिले के 145 गांवों के 20 हजार 212 लोग प्रभावित हुए। इसके अतिरिक्त रायपुर, धमतरी, बालोद, बलौदाबाजार, गरियाबंद, कोरबा, बेमेतरा, कबीरधाम, दुर्ग, रायगढ़ और जांजगीर-चांपा सहित अन्य जिलों के अनेक गांव भी बारिश और बाढ़ से प्रभावित हुए।