Posted By:- Lukesh Dewangan
Posted On:- 09-Jan-2026

यूक्रेन पर ‘ओरेशनिक’ बैलिस्टिक मिसाइल से हमला: कीव में 4 की मौत, 22 घायल

मॉस्को/नई दिल्ली। रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध के बीच तनाव और गहरा गया है। रूस के रक्षा मंत्रालय ने पुष्टि की है कि यूक्रेन पर हालिया हमले में नए ‘ओरेशनिक’ बैलिस्टिक मिसाइल का इस्तेमाल किया गया। इस हमले में यूक्रेन की राजधानी कीव में चार लोगों की मौत हो गई, जबकि कम से कम 22 लोग घायल हुए हैं। रूस ने आधिकारिक तौर पर यह स्पष्ट नहीं किया कि ओरेशनिक मिसाइल का लक्ष्य क्या था, लेकिन रूसी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार यह हमला यूक्रेन के पश्चिमी लविव क्षेत्र में स्थित एक विशाल भूमिगत प्राकृतिक गैस भंडारण सुविधा पर किया गया। रूस के रक्षा मंत्रालय का दावा है कि यह हमला पिछले महीने यूक्रेनी ड्रोन द्वारा राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के निवास पर कथित हमले के जवाब में किया गया। हालांकि, यूक्रेन और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप दोनों ने इस दावे को खारिज किया है। लविव के मेयर एंड्री सादोवी ने कहा कि रूसी हमले में महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया गया, लेकिन उन्होंने विस्तृत जानकारी देने से इनकार किया। रूस की ओर से दावा किया गया है कि ओरेशनिक मिसाइल की रफ्तार करीब 13,000 किलोमीटर प्रति घंटे है। इस मिसाइल का पहली बार परीक्षण नवंबर 2024 में यूक्रेन की एक फैक्ट्री पर किया गया था। ओरेशनिक मिसाइल में मल्टीपल वारहेड्स लगे होते हैं, जिनकी गति मैक-10 तक पहुंच सकती है और इसे इंटरसेप्ट करना बेहद मुश्किल है। यह मिसाइल परमाणु हथियार ले जाने में भी सक्षम बताई जा रही है। हमले में मारे गए लोगों में एक आपातकालीन मेडिकल कर्मी भी शामिल है। इसके अलावा, बचाव कार्य के दौरान पांच रेस्क्यू कर्मी घायल हो गए। हमले के बाद कीव के कई इलाकों में पानी और बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। डेसन्यांस्की जिले में एक ड्रोन बहुमंजिला इमारत की छत पर गिरा, जबकि डनिप्रो जिले में ड्रोन हमले से आग लग गई, जिससे इमारत को नुकसान पहुंचा। हमले से कुछ घंटे पहले ही यूक्रेनी राष्ट्रपति वलोडिमिर जेलेंस्की ने रूस के बड़े हमले की चेतावनी दी थी। उन्होंने कहा था कि रूस सर्द मौसम का फायदा उठाकर राजधानी पर हमला कर सकता है, जहां फिसलन भरी सड़कों और कठिन परिस्थितियों के कारण बचाव कार्य प्रभावित हो सकता है। रूस द्वारा नए मिसाइल सिस्टम के इस्तेमाल के बाद युद्ध के और अधिक खतरनाक मोड़ लेने की आशंका जताई जा रही है।