Posted By:- Lukesh Dewangan
Posted On:- 01-Jun-2026

राज्य स्तरीय डिजिटल इंडिया परामर्श कार्यशाला संपन्न

 DPDP अधिनियम-2023 के तहत प्राइवेसी बाय डिजाइन अपनाएगा छत्तीसगढ़

 DPDP अधिनियम-2023 के तहत प्राइवेसी बाय डिजाइन अपनाएगा छत्तीसगढ़

रायपुर छत्तीसगढ़ में नागरिकों के व्यक्तिगत डेटा की सुरक्षा, डिजिटल सेवाओं में विश्वसनीयता और डेटा गवर्नेंस को सुदृढ़ करने की दिशा में राज्य सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। छत्तीसगढ़ इंफोटेक प्रमोशन सोसायटी (CHiPS) एवं भारत सरकार के नेशनल ई-गवर्नेंस डिवीजन (NeGD)  के संयुक्त तत्वावधान में राजधानी रायपुर में एक दिवसीय राज्य स्तरीय डिजिटल इंडिया परामर्श कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में विभिन्न शासकीय विभागों को डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन (DPDP)  अधिनियम, 2023 के प्रभावी क्रियान्वयन और तकनीकी अनुपालन को लेकर कड़े व स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए गए।

 DPDP अधिनियम-2023 के तहत प्राइवेसी बाय डिजाइन अपनाएगा छत्तीसगढ़

​नागरिकों की डेटा सुरक्षा राज्य सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता- श्री मयंक अग्रवाल

कार्यशाला को संबोधित करते हुए CHiPS के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) श्री मयंक अग्रवाल ने राज्य सरकार के संकल्प को दोहराया। उन्होंने स्पष्ट किया कि नागरिकों के व्यक्तिगत डेटा की गोपनीयता और सुरक्षित डिजिटल सेवाओं का विस्तार करना शासन की मुख्य प्राथमिकता है। DPDP अधिनियम केवल एक विधिक या कानूनी प्रावधान नहीं है, बल्कि यह शासन व्यवस्था में 'Privacy by Design' (डिजाइन में ही गोपनीयता) एवं 'Citizen-Centric Data Governance' (नागरिक-केंद्रित डेटा गवर्नेंस) की दिशा में एक क्रांतिकारी और महत्वपूर्ण परिवर्तन है।   श्री अग्रवाल ने राज्य की तकनीकी प्रगति को साझा करते हुए बताया कि छत्तीसगढ़ शासन द्वारा सेवा सेतु प्लेटफॉर्म का डिजिलॉकर, उमंग और माय स्कीम  (My Scheme) जैसे राष्ट्रीय डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के साथ सफलतापूर्वक एकीकरण (Integration) किया जा चुका है। इसके जरिए नागरिकों को विभिन्न प्रमाण-पत्र और सरकारी सेवाएँ डिजिटल रूप से आसानी से मिल रही हैं। उन्होंने कहा कि आगामी चरण में सभी विभागों को  "Digital-by-Default" दृष्टिकोण अपनाना होगा, ताकि अधिक से अधिक सेवाओं को राष्ट्रीय डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना (DPI) से जोड़ा जा सके।