Posted By:- Lukesh Dewangan
Posted On:- 19-Jun-2026

बाल मधुमेह की समय पर पहचान और उपचार के लिए जशपुर में स्वास्थ्यकर्मियों का विशेष उन्मुखीकरण कार्यक्रम

रायपुर। बच्चों में बढ़ते मधुमेह, विशेष रूप से टाइप-1 डायबिटीज (बाल मधुमेह) की समय पर पहचान, प्रभावी उपचार और नियमित फॉलोअप सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिला स्वास्थ्य विभाग जशपुर द्वारा 15 से 17 जून 2026 तक तीन दिवसीय उन्मुखीकरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस पहल का उद्देश्य स्वास्थ्यकर्मियों को तकनीकी रूप से सशक्त बनाकर बाल मधुमेह से प्रभावित बच्चों तक समय पर स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना है।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिले के कुनकुरी, मनोरा, जशपुर एवं दुलदुला विकासखंडों से कुल 300 स्वास्थ्यकर्मियों ने सक्रिय सहभागिता की। चरणबद्ध तरीके से आयोजित इस प्रशिक्षण में सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (सीएचओ), मितानिन कार्यक्रम से जुड़े जिला एवं ब्लॉक समन्वयक, मितानिन प्रशिक्षक, ग्रामीण स्वास्थ्य संयोजक तथा महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता शामिल हुए।
कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञों ने बाल मधुमेह के लक्षणों, शीघ्र पहचान, उपचार, परामर्श, फॉलोअप एवं समग्र देखभाल के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से जानकारी दी। प्रतिभागियों को बताया गया कि अत्यधिक प्यास लगना, बार-बार पेशाब आना, अचानक वजन घटना, लगातार थकान महसूस होना तथा भूख बढ़ना जैसे लक्षण टाइप-1 डायबिटीज के संकेत हो सकते हैं, जिनकी समय पर पहचान और रेफरल बेहद आवश्यक है।
प्रशिक्षण में यह भी बताया गया कि टाइप-1 डायबिटीज से प्रभावित बच्चों के लिए नियमित इंसुलिन उपयोग, रक्त शर्करा की निगरानी, संतुलित आहार, परिवार और विद्यालय का सहयोग तथा आपातकालीन स्थितियों की पहचान और प्रबंधन अत्यंत महत्वपूर्ण है।
उन्मुखीकरण कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को टाइप-1 डायबिटीज की प्रारंभिक पहचान एवं प्रबंधन, खतरे के संकेतों की पहचान, समय पर रेफरल, इंसुलिन एवं ग्लूकोमीटर के उपयोग, परिवार आधारित सहयोग, रोगी सहायता समूहों की भूमिका, समुदाय एवं स्कूल स्तर पर जागरूकता बढ़ाने की रणनीतियों तथा बच्चों के मानसिक एवं मनोसामाजिक स्वास्थ्य संबंधी विषयों पर विस्तृत जानकारी प्रदान की गई।