Posted By:- Lukesh Dewangan
Posted On:- 27-Jun-2026

ऐतिहासिक पुरानी कचहरी बनी शिक्षा और संस्कृति का नया केंद्र

रायपुर. जिला मुख्यालय कांकेर स्थित ऐतिहासिक पुराना कचहरी परिसर में शिक्षा, संस्कृति और युवाओं के उज्ज्वल भविष्य का सशक्त केंद्र बनकर उभर रहा है। जिला प्रशासन द्वारा संचालित सेंट्रल लाइब्रेरी-सह-मावा मोदोल विद्यार्थियों और युवाओं के लिए प्रेरणा का केंद्र बन चुका है। यहां अध्ययनरत छात्र-छात्राएं न केवल प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं, बल्कि अपने सपनों को साकार करने की दिशा में भी मजबूती से कदम बढ़ा रहे हैं।  जिला प्रशासन की महत्वाकांक्षी पहल ‘हमर लक्ष्य’ के अंतर्गत विकसित यह केंद्र आज शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षा मार्गदर्शन, भाषा संरक्षण और सांस्कृतिक संवर्धन का उत्कृष्ट उदाहरण बन चुका है। यह पहल युवाओं के सपनों को नई दिशा देने के साथ-साथ जिले की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को भी संरक्षित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

सेंट्रल लाइब्रेरी-सह-मावा मोदोल के नोडल अधिकारी एवं जिला मिशन समन्वयक श्री नवनीत पटेल ने बताया कि वर्तमान में प्रतिदिन लगभग एक हजार विद्यार्थी इस अध्ययन केंद्र का लाभ ले रहे हैं। यहां विद्यार्थियों के लिए शांत एवं सुव्यवस्थित अध्ययन वातावरण उपलब्ध कराया गया है। वर्तमान में छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग सहित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए विशेष कक्षाएं संचालित की जा रही हैं। इसके साथ ही उप निरीक्षक भर्ती परीक्षा की तैयारी के लिए मैराथन क्लासेस आयोजित की जा रही हैं, जिनका लाभ बड़ी संख्या में अभ्यर्थी उठा रहे हैं।bजिला शिक्षा अधिकारी श्री रमेश कुमार निषाद के मार्गदर्शन में इस अध्ययन केंद्र को और अधिक विकसित करने की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है। यहां उपलब्ध सुविधाओं और विशेषज्ञ मार्गदर्शन का सकारात्मक परिणाम है कि अब तक इस केंद्र से अध्ययन कर चुके 89 युवाओं ने विभिन्न शासकीय पदों पर सफलता प्राप्त की है। यह उपलब्धि इस केंद्र की उपयोगिता और प्रभावशीलता को प्रमाणित करती है।