डॉयल-112 की तत्परता और स्वास्थ्य विभाग की मुस्तैदी से बची सर्पदंश पीडि़ता की जान
रायपुर, राज्य सरकार द्वारा आम नागरिकों को त्वरित आपातकालीन सहायता और बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में किए जा रहे प्रयास लगातार सकारात्मक परिणाम दे रहे हैं। गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में डॉयल-112 पुलिस सेवा और जिला अस्पताल की तत्परता ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि समय पर समन्वित कार्रवाई किसी भी व्यक्ति के लिए जीवनदायिनी साबित हो सकती है। सर्पदंश की शिकार एक युवती को तत्काल अस्पताल पहुंचाकर उसकी जान बचाई गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार रविवार तड़के लगभग 3:45 बजे डॉयल-112 गौरेला फालकन-1 को ग्राम धनौली से एक युवती के सर्पदंश का सूचना मिली। सूचना मिलते ही डॉयल-112 टीम में तैनात आरक्षक वीरेंद्र गर्ग एवं चालक लुपेंद्र कुमार बिना किसी विलंब के घटनास्थल के लिए रवाना हो गए। मौके पर पहुंचने पर टीम ने पाया कि अनीता खुसरो (18 वर्ष) निवासी तेंदुआपारा, कोटा जिला बिलासपुर, जो अपने रिश्तेदारों के यहां मेहमान के रूप में आई हुई थीं, रात्रि में जमीन पर सोने के दौरान जहरीले सर्प के काटने से गंभीर रूप से प्रभावित हो गई थीं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए डॉयल-112 टीम ने तत्काल युवती को परिजनों के साथ जिला अस्पताल गौरेला पहुंचाया। जिला अस्पताल में चिकित्सकों और स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बिना समय गंवाए उपचार प्रारंभ किया। समय पर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध होने के कारण युवती की स्थिति में तेजी से सुधार हुआ और चिकित्सकों ने उसे अब खतरे से बाहर एवं सामान्य बताया है। यह घटना दर्शाती है कि राज्य सरकार द्वारा स्वास्थ्य सुविधाओं को सुदृढ़ बनाने तथा आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं को प्रभावी बनाने की दिशा में किए गए प्रयास आम नागरिकों के जीवन की रक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।