3-3 किलोवाट के रूफटॉप सोलर प्लांट से बिजली बिल में भारी बचत
रायपुर, प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना देश के नागरिकों को स्वच्छ, सस्ती और आत्मनिर्भर ऊर्जा उपलब्ध कराने के साथ-साथ बिजली के खर्चों को कम करने का एक बेहद प्रभावी माध्यम बनती जा रही है। इसी कड़ी में छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले से एक बेहद प्रेरणादायक उदाहरण सामने आया है, जहाँ दो ग्राम पंचायत सचिवों ने खुद अपने घरों में सोलर प्लांट लगवाकर ग्रामीणों के सामने एक मिसाल पेश की है। जनपद पंचायत छुरिया के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत रामपुर के सचिव श्री रामलखन मण्डावी और ग्राम पंचायत जोंधरा के सचिव श्री अर्जुन सिंह ठाकुर ने अपने-अपने निजी आवासों पर 3-3 किलोवाट क्षमता के रूफटॉप सोलर प्लांट स्थापित करवाए हैं। दोनों सचिवों की यह अनूठी पहल न केवल उनके घरों में आर्थिक बचत का जरिया बनी है, बल्कि आसपास के लोगों को भी स्वच्छ ऊर्जा अपनाने के लिए प्रेरित कर रही है।
पूरी प्रक्रिया है सरल और पारदर्शी- योजना के लाभ और अपने अनुभवों को साझा करते हुए रामपुर के सचिव श्री रामलखन मण्डावी ने बताया कि उन्होंने 'पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना' के आधिकारिक पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन किया था। विद्युत विभाग से आवश्यक तकनीकी स्वीकृति मिलने के बाद, विभाग द्वारा अधिकृत विक्रेता (वेंडर) के माध्यम से उनके घर की छत पर 3 किलोवाट का रूफटॉप सोलर प्लांट और नेट मीटर सफलतापूर्व स्थापित कर दिया गया।
मिली 1.08 लाख की भारी सब्सिडी- इस योजना की सबसे खास बात इसकी वहन करने योग्य लागत है। दोनों ही सचिवों को केंद्र और राज्य सरकार की ओर से मिलाकर कुल 1 लाख 8 हजार रुपए की सब्सिडी प्राप्त हुई है, जिससे प्लांट लगाने की शुरुआती लागत (इन्स्टॉलेशन कॉस्ट) काफी कम हो गई।
बचत के साथ पर्यावरण संरक्षण- श्री मण्डावी ने बताया कि अब उनके घर की बिजली से जुड़ी अधिकांश ज़रूरतें सौर ऊर्जा से ही पूरी हो रही हैं, जिससे हर महीने आने वाले बिजली बिल में भारी गिरावट आई है। इसके साथ ही, ज़रूरत से ज़्यादा उत्पादित होने वाली अतिरिक्त बिजली को ग्रिड में भेजने पर उन्हें 'नेट मीटरिंग' का दोहरा लाभ भी मिल रहा है। इसी तरह जोंधरा पंचायत के सचिव श्री अर्जुन सिंह ठाकुर ने भी पूरी प्रक्रिया की सराहना करते हुए इसे बेहद सरल, सहज और पारदर्शी बताया। उन्होंने इस जनहितैषी योजना के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त किया।