कलमानार में पहली बार गूंजी मोबाइल की घंटी
रायपुर. घने जंगलों, दुर्गम पहाड़ियों और अलगाव की पहचान रहे अबूझमाड़ के अंचल में विकास की नई किरण पहुंची है। नारायणपुर जिले के वनांचल में बसे ग्राम कलमानार में मोबाइल टावर की स्थापना के साथ ही संचार क्रांति का एक नया अध्याय शुरू हो गया है। वर्षों से नेटवर्क की तड़प झेल रहे ग्रामीणों के लिए अब अपने घर की चौखट पर ही निर्बाध मोबाइल कनेक्टिविटी और हाई-स्पीड इंटरनेट उपलब्ध है।
पहाड़ों पर चढ़ने की मजबूरी खत्म, 464 ग्रामीणों का बदला जीवन- ओरछा विकासखंड के कलमानार और समीपस्थ पोकानार जैसे गांव दशकों से बाहरी दुनिया से कटे हुए थे। अपनों का हाल-चाल जानने या एक फोन कॉल करने के लिए भी ग्रामीणों को गांव से दूर ऊंची पहाड़ियों और पेड़-पौधों के सहारे भटकना पड़ता था।
मोबाइल टावर की स्थापना से यह परेशानी इतिहास बन गई है। इस पहल से कलमानार के 144 और पोकानार के 320 नागरिकों समेत कुल 464 ग्रामीणों को सीधा लाभ मिल रहा है।
आपातस्थिति में बनेगी संजीवनी: '108' अब बस एक कॉल दूर- संचार सुविधा केवल बातचीत का साधन नहीं, बल्कि जीवन रक्षा का आधार बनी है। अब एंबुलेंस (108), अस्पताल और डॉक्टरों से तुरंत संपर्क संभव होगा। किसी भी आपदा या आपातकालीन परिस्थिति में ग्रामीण सीधे जिला और पुलिस प्रशासन से जुड़ सकेंगे।
सरकारी योजनाओं और डिजिटल सेवाओं से सशक्त होंगे ग्रामीण - अब गांव का हर नागरिक डिजिटल इंडिया की मुख्यधारा से जुड़ेगा। डिजिटल पेमेंट, ऑनलाइन फॉर्म, बैंकिंग व आधार आधारित सेवाओं के लिए अब शहर नहीं जाना पड़ेगा। घर बैठे योजनाओं की सही जानकारी और लाभ मिलने से बिचौलियों पर निर्भरता खत्म होगी। क्षेत्र के छात्र-छात्राएं अब इंटरनेट के माध्यम से ऑनलाइन पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर सकेंगे।