Posted By:- Lukesh Dewangan
Posted On:- 01-Aug-2026

बस्तर के प्रतिनिधियों ने देखा राष्ट्रपति भवन, बस्तर की संस्कृति का हुआ भव्य सम्मान

रायपुर,  राष्ट्रपति भवन में  बस्तर के प्रतिनिधिमंडल के लिए एक अविस्मरणीय और ऐतिहासिक क्षण साकार हुआ। महामहिम राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने बस्तर से पहुंचे परगना मांझियों, चालकियों, बस्तर पंडुम के जनजातीय कलाकारों तथा समाज प्रतिनिधियों का आत्मीय स्वागत किया। उन्होंने सभी अतिथियों का शॉल एवं स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मान किया और बस्तर की समृद्ध जनजातीय परंपरा एवं संस्कृति के प्रति अपना विशेष स्नेह व्यक्त किया।   मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय, उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा तथा संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल के मार्गदर्शन और पहल से आयोजित इस विशेष यात्रा ने बस्तर के जनजातीय समाज को देश के सर्वोच्च संवैधानिक संस्थान से सीधे जुड़ने का अवसर प्रदान किया। राष्ट्रपति भवन में बस्तर की संस्कृति का जो सम्मान हुआ, उसने प्रतिनिधिमंडल के प्रत्येक सदस्य को गौरव और आत्मविश्वास से भर दिया।   प्रतिनिधिमंडल के लिए सबसे भावुक और प्रेरणादायी क्षण उस समय आया, जब राष्ट्रपति महोदया ने एक आत्मीय मेजबान की भूमिका निभाते हुए स्वयं अपने हाथों से सभी अतिथियों को भोजन परोसा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने प्रतिनिधियों को दाल परोसी, जबकि उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा और संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने सभी को मिठाई परोसकर उनका स्वागत-सत्कार किया। राष्ट्रपति भवन में आत्मीयता और अपनत्व से भरे इस दृश्य ने पूरे प्रतिनिधिमंडल को भावविभोर कर दिया। बस्तर से आए जनजातीय प्रतिनिधियों ने इसे अपने जीवन का अविस्मरणीय अनुभव बताया।

*राष्ट्रपति भवन में गूंजा बस्तर का पारंपरिक लोकगीत और लोकनृत्य*-    इस अवसर पर एक और ऐतिहासिक पल तब आया, जब बस्तर पंडुम के विजेता कलाकारों ने राष्ट्रपति भवन परिसर में अपनी पारंपरिक लोकगीत और लोकनृत्य की प्रस्तुति दी। बस्तर की लोक संस्कृति, वेशभूषा और पारंपरिक कला का यह अनुपम प्रदर्शन उपस्थित सभी लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बना और राष्ट्रपति भवन पहली बार बस्तर की सांस्कृतिक रंगत से सराबोर हो उठा। माहौल ऐसा हुआ कि उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा सहित बस्तर कमिश्नर श्री डोमन सिंह, पूर्व बस्तर आई जी श्री सुंदरराज पी और सभी अधिकारी भी लोकनृत्य में झूमने लगे।