Posted By:- Lukesh Dewangan
Posted On:- 13-Sep-2026

बाल सुरक्षा एवं अधिकारों को लेकर विद्यार्थियों में बढ़ाई जागरूकता

रायपुर। छत्तीसगढ़ में बच्चों की सुरक्षा, उनके अधिकारों के संरक्षण और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से विद्यालयों में जागरूकता गतिविधियां निरंतर संचालित की जा रही हैं। इसी क्रम में सूरजपुर के साधुराम विद्या मंदिर में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर विद्यार्थियों को बाल अधिकार, गुड टच-बैड टच, साइबर अपराध, बाल विवाह, नशे के दुष्प्रभाव और यातायात सुरक्षा के संबंध में जानकारी दी गई। कार्यक्रम में विद्यार्थियों को किशोर न्याय अधिनियम के प्रावधानों की जानकारी देते हुए संरक्षण की आवश्यकता वाले बच्चों तथा विधि के विरुद्ध कार्य करने वाले बच्चों के लिए निर्धारित कानूनी प्रावधानों को सरल भाषा में समझाया गया। बाल भिक्षावृत्ति के उन्मूलन एवं बच्चों की सुरक्षा के लिए किए गए प्रावधानों की जानकारी भी दी गई।

विद्यार्थियों को लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम के संबंध में जानकारी देते हुए गुड टच और बैड टच के बीच अंतर समझने तथा किसी भी असहज अथवा अनुचित व्यवहार की स्थिति में तत्काल भरोसेमंद व्यक्ति को जानकारी देने के लिए प्रेरित किया गया। बच्चों को बताया गया कि किसी घटना की स्थिति में डर अथवा सामाजिक दबाव के कारण चुप रहने की आवश्यकता नहीं है। चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 के माध्यम से सहायता एवं शिकायत की जा सकती है तथा बच्चों की सुरक्षा के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाती है।

बाल विवाह के विरुद्ध जागरूकता पर जोर-कार्यक्रम में बाल विवाह मुक्त सूरजपुर अभियान के संबंध में जानकारी देते हुए विद्यार्थियों को बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति के दुष्परिणामों से अवगत कराया गया। बाल विवाह की रोकथाम के लिए जागरूकता गतिविधियों के साथ पुराने प्रकरणों के फॉलोअप की जानकारी भी दी गई। विद्यार्थियों से स्वयं जागरूक रहने और अपने आसपास के लोगों को भी बाल विवाह रोकने के लिए प्रेरित करने का आह्वान किया गया। दत्तक ग्रहण की कानूनी प्रक्रिया की जानकारी देते हुए बताया गया कि निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के बिना बच्चे को गोद लेना अथवा देना कानूनन अपराध है। विद्यार्थियों को बाल कल्याण समिति एवं किशोर न्याय बोर्ड की भूमिका से भी अवगत कराया गया।