आपसी राजीनामे से पांच परिवारों का पुनः दाम्पत्य जीवन में हुआ पुनर्स्थापन, पक्षकारों को मिला त्वरित न्याय
रायपुर, वर्ष 2026 की तृतीय नेशनल लोक अदालत का आयोजन शनिवार को प्रदेशभर में किया गया। लोक अदालत के माध्यम से लंबित एवं प्री-लिटिगेशन प्रकरणों का पक्षकारों की आपसी सहमति और राजीनामे के आधार पर निराकरण कर त्वरित एवं सुलभ न्याय उपलब्ध कराया गया। इस दौरान रायगढ़ जिले में कुल 12 लाख 7 हजार 255 प्रकरणों का निराकरण किया गया। नेशनल लोक अदालत की मूल भावना आपसी सहमति से विवादों का समाधान कर पक्षकारों को शीघ्र न्याय दिलाना है। इसी क्रम में लोक अदालत के दौरान कुटुम्ब न्यायालय, रायगढ़ में आपसी राजीनामे के आधार पर पांच परिवारों को पुनः दाम्पत्य जीवन में पुनर्स्थापित किया गया। विवादों के समाधान के साथ इन परिवारों को फिर से एक साथ आने का अवसर मिला। संबंधित परिवारों को सुखद एवं उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी गईं। लोक अदालत का शुभारंभ प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री जितेंद्र जैन द्वारा किया गया। उन्होंने न्यायिक अधिकारियों को अधिक से अधिक प्रकरणों का पक्षकारों के मध्य आपसी राजीनामे के आधार पर निराकरण सुनिश्चित करने के लिए प्रेरित किया तथा नेशनल लोक अदालत की सफलता के लिए शुभकामनाएं दीं।