Posted By:- Lukesh Dewangan
Posted On:- 28-Sep-2026

‘मन की बात’ में गूंजा छत्तीसगढ़ का ‘हर घर मुनगा-घर-घर मुनगा’अभियान

रायपुर। छत्तीसगढ़ में पोषण जागरूकता को जनभागीदारी से जोड़ने वाला ‘हर घर मुनगा-घर-घर मुनगा’ अभियान राष्ट्रीय मंच पर चर्चा में आया है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को अपने रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ में इस पहल का उल्लेख किया। घरों में मुनगा लगाने और उसके पोषण संबंधी गुणों को दैनिक भोजन से जोड़ने का यह अभियान बताता है कि स्थानीय स्तर पर उपलब्ध संसाधन भी पोषण की चुनौती से निपटने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने दिल्ली एयरपोर्ट पर ‘मन की बात’ कार्यक्रम सुना। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा छत्तीसगढ़ के अभियान का उल्लेख प्रदेश के लिए उत्साह और प्रेरणा का विषय है। इससे आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, माताओं, स्वसहायता समूहों तथा पोषण अभियान से जुड़े लोगों को अपने प्रयास और व्यापक स्तर पर पहुंचाने का प्रोत्साहन मिलेगा। उन्होंने कहा कि पोषण के प्रति जागरूकता तभी प्रभावी होगी, जब परिवार अपने दैनिक भोजन में स्थानीय स्तर पर उपलब्ध पौष्टिक खाद्य पदार्थों को स्थान देंगे। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने 12 सितंबर को ‘हर घर मुनगादृघर-घर मुनगा’ अभियान की शुरुआत की थी। अभियान का उद्देश्य मुनगा के पौधे को घर-घर तक पहुंचाने के साथ उसके उपयोग के बारे में परिवारों को जागरूक करना है। इसमें महिलाओं, बच्चों और किशोरियों के पोषण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। आंगनबाड़ी केंद्र इस संदेश को समुदाय तक पहुंचाने का प्रमुख माध्यम बने हैं। मुनगा, जिसे सहजन भी कहा जाता है, छत्तीसगढ़ में परिचित और आसानी से उगाया जा सकने वाला पौधा है। इसकी पत्तियों और फलियों का उपयोग भोजन में किया जाता है। मुनगा की पत्तियों में आयरन, कैल्शियम और विटामिन जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं। पत्तियों को साग या अन्य स्थानीय व्यंजनों में तथा फलियों को सब्जी और दाल में शामिल किया जा सकता है। इस तरह परिवार उपलब्ध खाद्य पदार्थों के उपयोग से अपनी थाली में विविधता बढ़ा सकते हैं। अभियान के माध्यम से परिवारों को बताया जा रहा है कि पोषण केवल किसी एक खाद्य पदार्थ से नहीं, बल्कि अलग-अलग पौष्टिक चीजों को संतुलित मात्रा में भोजन में शामिल करने से बेहतर होता है। मुनगा इसी विविधता का एक हिस्सा बन सकता है। घर या आंगन में लगाया गया पौधा परिवार को उसके नियमित उपयोग के लिए भी प्रेरित करता है।