Posted By:- Lukesh Dewangan
Posted On:- 04-Oct-2026

बस्तर में दिव्यांगजनों के पुनर्वास के लिए महाअभियान

रायपुर। बस्तर संभाग के दिव्यांगजनों को उनकी जरूरत के अनुरूप सहायता प्रदान करने सहित उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने और उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के उद्देश्य से जगदलपुर और दंतेवाड़ा में वृहद दिव्यांग शिविरों का आयोजन होने जा रहा है। उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से तैयारियों की समीक्षा की और अधिकारियों को शिविरों की सभी व्यवस्थाएं समयबद्ध और प्रभावी ढंग से पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि नक्सलवाद और विशेष रूप से आईईडी विस्फोटों की वजह से अपने अंग गंवा चुके नागरिकों के पुनर्वास के लिए यह अभियान एक मिशन के रूप में संचालित किया जा रहा है। सरकार का मुख्य संकल्प इन शिविरों के माध्यम से आईईडी पीड़ितों को हरसंभव सहायता, कृत्रिम अंग और सहायक उपकरण उपलब्ध कराकर उनके जीवन से हिंसा के दर्द और निशानों को हमेशा के लिए मिटाना है।     उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि जिला प्रशासन का प्रयास होना चाहिए कि क्षेत्र का कोई भी पात्र हितग्राही लाभ से वंचित न रहे। इसके लिए ग्राम पंचायतों और ग्राम सभाओं के माध्यम से हितग्राहियों की अंतिम सूची तैयार की जाए, जिसमें आईईडी विस्फोट से प्रभावित दिव्यांगजनों का अलग से विवरण शामिल हो। उन्होंने शिविर स्थलों पर कृत्रिम अंग (आर्टिफिशियल लिंब), ट्राईसाइकिल, व्हीलचेयर, कैलिपर्स और श्रवण यंत्र जैसी आवश्यक सामग्रियों की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा। इसके साथ ही यह भी निर्देश दिया कि यदि किसी हितग्राही के पास दिव्यांगता प्रमाण पत्र नहीं है, तो स्वास्थ्य और समाज कल्याण विभाग द्वारा मौके पर ही प्रमाणीकरण की सुविधा दी जाए, जिससे उपकरण वितरण में किसी भी प्रकार की बाधा न आए।     उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने बताया कि जगदलपुर और दंतेवाड़ा में आयोजित होने वाले इन कार्यक्रमों को ष्सेवा संकल्प अभियानष् के अंतर्गत भव्य रूप से संचालित किया जाएगा। उन्होंने सभी संबंधित जिला कलेक्टरों और मुख्य कार्यपालन अधिकारियों (सीईओ) को निर्देश दिया कि प्रेस वार्ता, सोशल मीडिया और स्थानीय इन्फ्लुएंसर्स के माध्यम से इस सकारात्मक पहल का सघन प्रचार-प्रसार करें, जिससे दूर-दराज के जरूरतमंदों तक इसकी सूचना पहुंच सके। शिविरों में पहुंचने वाले दिव्यांगजनों की सहायता के लिए स्काउट-गाइड के स्वयंसेवकों को तैनात करने के साथ-साथ उनके लिए सुगम परिवहन, भोजन और पेयजल के पुख्ता इंतजाम करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा, उप मुख्यमंत्री ने भविष्य की कार्ययोजना पर बल देते हुए कहा कि ग्राम सभाओं के माध्यम से गांवों में सुरक्षा का पूर्ण सत्यापन कर उन्हें ‘आईईडी-मुक्त ग्राम’ घोषित करने की दिशा में भी तेजी से आगे बढ़ा जाए।