Posted By:- Lukesh Dewangan
Posted On:- 09-Oct-2026

सारंगढ़ के खेलभांठा में उकेरा गया विकसित एवं समावेशी भारत का संकल्प

विशाल रंगोली व मानव श्रृंखला ने पेश की सामाजिक समरसता की मिसाल

रायपुर . सेवा संकल्प अभियान के तहत सारंगढ़-बिलाईगढ जिले के सारंगढ़ के खेलभांठा मैदान में सामाजिक समरसता, समानता और राष्ट्र निर्माण की एक अनूठी झलक देखने को मिली। ‘सेवा के रंग, राष्ट्र के संग’ की भावना से सजी एक विशाल गोलाकार रंगोली ने वर्ष 2047 तक भारत को विकसित और सर्व-समावेशी बनाने के संकल्प को बेहद कलात्मक रूप में प्रस्तुत किया। इस रंगोली के चारों ओर बनी विशाल मानव श्रृंखला ने जिलेवासियों में जनभागीदारी और सामाजिक एकता का सशक्त संदेश दिया।

दिव्यांगजन सशक्तिकरण और समानता का प्रभावी संदेश

खेलभांठा मैदान में निर्मित इस भव्य रंगोली के केंद्र में एक विशाल हथेली पर व्हीलचेयर का उपयोग करते दिव्यांगजन, दृष्टिबाधित, श्रवणबाधित व्यक्तियों व बच्चों की जीवंत आकृतियां उकेरी गईं। इसके जरिए यह संदेश दिया गया कि शारीरिक सीमाएं किसी की प्रतिभा और संकल्प में बाधा नहीं बन सकतीं। रंगोली पर अंकित प्रेरक वाक्य ‘समावेशन, अवसर, सम्मान और सशक्तिकरण’, ‘अलग-अलग क्षमताएं, एकजुट होकर अधिक सशक्त’ तथा ‘अधिक समावेशी भारत’ ने समाज में दिव्यांगजनों के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण और समान भागीदारी की आवश्यकता पर बल दिया। रंगोली में उकेरी गई सूर्य की किरणें और हरियाली देश की प्रगति और उज्ज्वल भविष्य को दर्शा रही थीं।

मानव श्रृंखला से दिखी सामूहिक सहभागिता की शक्ति- विशाल रंगोली को घेरकर खड़ी विद्यार्थियों और आम नागरिकों की मानव श्रृंखला ने इस पूरे आयोजन को ऐतिहासिक बना दिया। इस दृश्य ने यह स्पष्ट किया कि विकसित भारत की परिकल्पना तभी साकार होगी जब समाज का हर वर्ग कंधे से कंधा मिलाकर राष्ट्र निर्माण में योगदान देगा। ड्रोन और हवाई तस्वीरों में यह नजारा बेहद आकर्षक और मनमोहक प्रतीत हुआ।