Posted By:- Lukesh Dewangan
Posted On:- 09-Oct-2026

टीबी मुक्त भारत के संकल्प को साकार करने जीपीएम में जनभागीदारी की नई पहल, ‘जोश टीम’ का शुभारंभ

रायपुर। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के टीबी मुक्त भारत के संकल्प को साकार करने की दिशा में छत्तीसगढ़ के गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में जनभागीदारी आधारित प्रयासों को नई गति दी जा रही है। टीबी उन्मूलन अभियान को जनआंदोलन का स्वरूप देने, बीमारी के प्रति जागरूकता बढ़ाने तथा सामुदायिक सहभागिता को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से आज जिले में ‘जोश टीम’ का शुभारंभ किया गया। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री जे.पी. नड्डा ने नई दिल्ली से वर्चुअल माध्यम से इस पहल का शुभारंभ किया। इस अवसर पर गौरेला स्थित एकीकृत आदिवासी विकास परियोजना कार्यालय के सभाकक्ष में जिला स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में टीबी उन्मूलन के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले ग्राम पंचायतों के सरपंचों, माय भारत वॉलंटियर्स और एनसीसी कैडेट्स को सम्मानित किया गया। साथ ही जिले की सभी 163 ग्राम पंचायतों और 224 ग्रामों को टीबी मुक्त बनाने का संकल्प लिया गया। अभियान के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में टीबी के लक्षणों की पहचान, समय पर जांच, नियमित उपचार तथा जनजागरूकता को विशेष प्राथमिकता दी जाएगी।

राष्ट्रीय स्तर पर मिली पहचान से बढ़ा उत्साह, अब संपूर्ण जिले को टीबी मुक्त बनाने का लक्ष्य

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कलेक्टर श्री विजय दयाराम के. ने कहा कि टीबी मुक्त भारत के संकल्प को साकार करने के लिए गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में निरंतर प्रभावी प्रयास किए जा रहे हैं। जिले में बड़ी संख्या में ग्राम पंचायतों के टीबी मुक्त होने की उपलब्धि को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान मिलना गौरव का विषय है। यह उपलब्धि स्वास्थ्य विभाग, पंचायत प्रतिनिधियों, मैदानी अमले और ग्रामीण समुदाय के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने कहा कि अब इस उपलब्धि को आगे बढ़ाते हुए संपूर्ण जिले को टीबी मुक्त बनाने की दिशा में योजनाबद्ध प्रयास किए जाएंगे। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग के साथ पंचायत एवं ग्रामीण विकास, शिक्षा, महिला एवं बाल विकास सहित अन्य विभागों, जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।