रायपुर। छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने और बच्चों में भाषा दक्षता विकसित करने के लिए जिला प्रशासन द्वारा अभिनव पहल की जा रही है। कलेक्टर श्रीमती रेना जमील के निर्देशन में जिले की सभी प्राथमिक शालाओं में संचालित ‘शब्दबीज’ नवाचार के माध्यम से बच्चों की शब्द संपदा, पठन, लेखन और अभिव्यक्ति कौशल को सशक्त बनाया जा रहा है। इस नवाचार से बच्चों में नए शब्द सीखने की रुचि बढ़ाने के साथ ही अध्ययन-अध्यापन की प्रक्रिया को अधिक रोचक और सहभागितापूर्ण बनाने का प्रयास किया जा रहा है। इसी क्रम में शिक्षा विभाग के अधिकारियों द्वारा शासकीय हाई स्कूल रजबहर, माध्यमिक शाला रजबहर, प्राथमिक शाला रजबहर एवं मोहली सहित विकासखंड ओड़गी के प्राथमिक एवं माध्यमिक शाला दवनसरा का निरीक्षण कर शैक्षणिक गतिविधियों, विद्यार्थियों की उपलब्धियों और शिक्षण गुणवत्ता का जायजा लिया गया।
शब्दबीज पट्टिका से नए शब्द सीख रहे बच्चे-कलेक्टर सूरजपुर की पहल पर संचालित ‘शब्दबीज’ नवाचार के अंतर्गत विद्यार्थियों को प्रतिदिन नए शब्दों से परिचित कराते हुए उनका अर्थ समझने और वाक्यों में प्रयोग करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। निरीक्षण के दौरान विद्यालयों में नवाचार का प्रभावी क्रियान्वयन पाया गया। प्राथमिक शाला दवनसरा में बच्चों के लिए विशेष शब्दबीज पट्टिका तैयार की गई है, जिसके माध्यम से विद्यार्थी नए शब्द सीखने के साथ उनका सही प्रयोग करने का अभ्यास कर रहे हैं। यह पहल बच्चों में भाषायी समझ, आत्मविश्वास और अभिव्यक्ति क्षमता विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो रही है।
धागे के प्रयोग से बच्चों ने समझी खाद्य श्रृंखला की अवधारणा-निरीक्षण के दौरान हाई स्कूल रजबहर की कक्षा दसवीं में विज्ञान विषय के अंतर्गत पारिस्थितिकी तंत्र का अध्यापन किया जा रहा था। इस दौरान जिला मिशन समन्वयक (डीएमसी) श्री मनोज कुमार साहू ने धागे के माध्यम से विद्यार्थियों को खाद्य श्रृंखला की अवधारणा समझाई। उन्होंने विद्यार्थियों को धागा पकड़ाकर बताया कि पारिस्थितिकी तंत्र में प्रत्येक जीव की महत्वपूर्ण भूमिका होती है और किसी एक कड़ी के कमजोर होने अथवा टूटने से पूरी खाद्य श्रृंखला प्रभावित होती है। इस प्रयोगात्मक गतिविधि से विद्यार्थियों को जटिल वैज्ञानिक अवधारणाओं को सरल और रोचक तरीके से समझने का अवसर मिला।