कभी बरसात में टपकती छत और सीलन से थे परेशान, प्रधानमंत्री आवास योजना से बदली जिंदगी
सरगुजा के जयानंदन दास को कच्चे मकान की परेशानियों से मिली मुक्ति, मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय को कहा धन्यवाद
रायपुर, हर व्यक्ति का सपना होता है कि उसके सिर पर अपनी पक्की छत हो, जहां वह परिवार के साथ सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन व्यतीत कर सके। आर्थिक अभाव के कारण अनेक जरूरतमंद परिवारों के लिए यह सपना वर्षों तक अधूरा रह जाता है। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) ऐसे ही परिवारों के सपनों को साकार कर उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में जरूरतमंद परिवारों को पक्के आवास उपलब्ध कराने की दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में सरगुजा जिले के अम्बिकापुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत कोटया निवासी जयानंदन दास का वर्षों पुराना पक्के घर का सपना साकार हुआ है। कभी मिट्टी के कच्चे मकान में अनेक परेशानियों के बीच जीवन गुजारने वाले जयानंदन दास आज अपने पक्के आवास में परिवार के साथ सुरक्षित और सुकून भरा जीवन व्यतीत कर रहे हैं।
कच्चे मकान में हर बरसात बन जाती थी चुनौती
जयानंदन दास बताते हैं कि पहले उनका परिवार मिट्टी के कच्चे मकान में रहता था। बरसात का मौसम आते ही परेशानियां बढ़ जाती थीं। छत से पानी टपकने, दीवारों में सीलन और मकान के क्षतिग्रस्त होने का डर हमेशा बना रहता था। घर में चूहों की समस्या भी परेशान करती थी। बारिश के दौरान घर और घरेलू सामान को सुरक्षित रखना बड़ी चुनौती होती थी। कभी मकान की टूट-फूट तो कभी मरम्मत की जरूरत के कारण परिवार को आर्थिक और मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ता था। सीमित संसाधनों के कारण पक्का मकान बनवाना उनके लिए संभव नहीं हो पा रहा था, लेकिन बेहतर और सुरक्षित घर की उम्मीद उन्होंने कभी नहीं छोड़ी। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के माध्यम से उनकी यह उम्मीद हकीकत में बदल गई। योजना के तहत आवास का लाभ मिलने के बाद उन्होंने अपने पक्के मकान का निर्माण पूरा कर लिया है। अब उनका परिवार मजबूत छत के नीचे सुरक्षित महसूस करता है। बरसात में पानी टपकने, सीलन और बार-बार मरम्मत कराने जैसी परेशानियों से उन्हें राहत मिली है। जयानंदन दास के लिए यह आवास केवल रहने का स्थान नहीं, बल्कि वर्षों की कठिनाइयों से मुक्ति और बेहतर भविष्य की नई शुरुआत है।