Posted By:- Lukesh Dewangan
Posted On:- 02-May-2026

राष्ट्रीय मंच पर छत्तीसगढ़ की दोहरी उपलब्धि

फाइलेरिया व मलेरिया नियंत्रण में राज्य मॉडल की देशभर में सराहना

फाइलेरिया उन्मूलन में BIHAN मॉडल और ‘मलेरिया मुक्त बस्तर’ पहल को नवाचार व जनभागीदारी के लिए सराहना

 राष्ट्रीय मंच पर छत्तीसगढ़ की दोहरी उपलब्धि

रायपुर। जनस्वास्थ्य के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ ने एक और उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करते हुए राष्ट्रीय स्तर पर अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज कराई है। 30 अप्रैल और 01 मई 2026 को चंडीगढ़ में आयोजित “National Summit on Innovation and Inclusivity – Best Practices Shaping India’s Future” में राज्य को फाइलेरिया और मलेरिया उन्मूलन के लिए अपनाई गई नवाचारी पहलों पर सम्मानित किया गया। यह सम्मान न केवल राज्य की स्वास्थ्य रणनीतियों की प्रभावशीलता को रेखांकित करता है, बल्कि सामुदायिक भागीदारी आधारित मॉडल की सफलता का भी प्रमाण है।

BIHAN मॉडल ने बदली तस्वीर, महिला समूह बने बदलाव की धुरी

फाइलेरिया उन्मूलन अभियान में BIHAN (स्टेट रूरल लाइवलीहुड मिशन) से जुड़ी महिला स्व-सहायता समूहों की सक्रिय भागीदारी को राष्ट्रीय स्तर पर सराहा गया। Mission Steering Group–Human Resource (MSG–HR) के अंतर्गत इस मॉडल को देश की सर्वश्रेष्ठ नवाचारी और समावेशी पहल के रूप में मान्यता मिली, जिसमें PCI India का तकनीकी सहयोग भी महत्वपूर्ण रहा। मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (MDA) अभियान के दौरान महिलाओं ने घर-घर पहुंचकर न केवल दवा सेवन सुनिश्चित कराया, बल्कि समुदाय में व्याप्त भ्रांतियों को भी दूर किया। सामुदायिक बैठकों और जागरूकता गतिविधियों के जरिए लोगों में भरोसा कायम किया गया। इसका परिणाम यह रहा कि दवा सेवन से इनकार करने वाले लगभग 74% लोगों को सहमति के लिए तैयार किया गया-जो इस मॉडल की सबसे बड़ी सफलता के रूप में उभरकर सामने आया।

‘मलेरिया मुक्त बस्तर’ ने दुर्गम क्षेत्रों में दिखाई प्रभावशीलता

सम्मेलन में ‘मलेरिया मुक्त बस्तर’ अभियान को भी एक प्रभावी और परिणामोन्मुख पहल के रूप में विशेष सराहना मिली। बस्तर के दूरस्थ और आदिवासी अंचलों में संचालित इस अभियान के तहत घर-घर स्क्रीनिंग, रैपिड डायग्नोस्टिक टेस्ट (RDT) से समय पर जांच, त्वरित उपचार और Day-7 व Day-14 फॉलो-अप के माध्यम से पूर्ण इलाज सुनिश्चित किया गया।