रायपुर, राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली एवं छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण बिलासपुर के निर्देशानुसार बालोद जिले के सभी न्यायालयों में आज 09 मई 2026 को नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया गया। जिनमें राजीनामा योग्य प्रकरणों में पक्षकारों की आपसी सहमति व सुलह समझौता से निराकृत किये गये है। प्रकरणों के पक्षकारों की भौतिक तथा वर्चुअल दोनों ही माध्यमों से उनकी उपस्थिति में निराकृत किये जाने के अतिरिक्त मोटयान अधिनियम से संबंधित प्रकरणों को निराकृत किया गया। इस सिलसिले में माननीय न्यायमूर्ति श्री रमेश सिन्हा, मुख्य न्यायाधीश, छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय बिलासपुर ने इस संपूर्ण लोक अदालत को सफल बनाये जाने हेतु निरंतर प्रयास करते हुए वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से भी लगातार अधिक से अधिक मामलों को निराकृत किये जाने हेतु प्रेरित किया। जिला व सत्र न्यायालय बालोद एवं व्यवहार न्यायालय स्तर पर डौण्डीलोहारा, दल्लीराजहरा, गुण्डरदेही में तथा बालोद जिले के राजस्व न्यायालयों में भी नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया गया। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री श्याम लाल नवरत्न बालोद के निर्देशानुसार इस लोक अदालत के लिए बालोद जिले में कुल 23 खण्डपीठ का गठन किया गया। इस लोक अदालत में लंबित सिविल एवं वांडिक प्रकरण, प्री-लिटिगेशन बैंक, विद्युत, जलकर, बीएसएनएल के प्रकरण तथा राजस्व न्यायालयों की खंडपीठ के समक्ष कुल 71435 प्रकरण निराकरण हेतु रखे गये थे, जिसमें 69424 प्रकरणों का निराकरण नेशनल लोक अदालत के माध्यम से किया गया। इस लोक अदालत में कुल 4,93,78,696/- रूपये राशि का अवार्ड पारित किया गया है।