Posted By:- Lukesh Dewangan
Posted On:- 25-May-2026

'आत्मविश्वास, धैर्य और सकारात्मक सोच ही सफलता की कुंजी'- मंत्री राजेश अग्रवाल

पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री ने यूपीएससी प्रारंभिक परीक्षा में शामिल हो रहे अभ्यर्थियों को दीं हार्दिक शुभकामनाएं

प्रशासनिक सेवाओं में चयनित होकर समाज के अंतिम व्यक्ति तक सुशासन की रोशनी पहुंचाएं युवा

रायपुर,  संघ लोक सेवा आयोग की सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा में सम्मिलित हो रहे देश और प्रदेश के अभ्यर्थियों को पर्यटन, संस्कृति, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए उनका उत्साहवर्धन किया है। अपने संदेश में मंत्री श्री अग्रवाल ने कहा कि यूपीएससी जैसी प्रतिष्ठित परीक्षा केवल आपके ज्ञान का आंकलन नहीं है, बल्कि यह आपके धैर्य, कड़े अनुशासन, आत्मविश्वास और निरंतर परिश्रम की भी परीक्षा है। देश के उज्ज्वल भविष्य के निर्माता बनने की दिशा में आगे बढ़ रहे ये सभी युवा अभ्यर्थी राष्ट्र की सबसे बड़ी शक्ति हैं। 

वर्षों की साधना और समर्पण के मूल्यांकन का पड़ाव- मंत्री श्री अग्रवाल ने अभ्यर्थियों का हौसला बढ़ाते हुए कहा कि परीक्षा का यह दिन वर्षों की कठिन मेहनत, समर्पण और संघर्ष के महत्वपूर्ण पड़ाव का परिणाम है। अभ्यर्थियों ने जिस लगन और प्रतिबद्धता के साथ इस मुकाम तक का सफर तय किया है, वह स्वयं में बेहद प्रेरणादायक है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे परीक्षा कक्ष में स्वयं पर अटूट विश्वास रखें तथा शांत मन और सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ परीक्षा दें। 

मानसिक संतुलन और निरंतर प्रयास ही दिलाएंगे सफलता- जीवन के व्यावहारिक दर्शन को साझा करते हुए मंत्री श्री अग्रवाल ने कहा, जीवन में बड़ी उपलब्धियां निरंतर प्रयास, दृढ़ इच्छाशक्ति और सकारात्मक सोच से ही प्राप्त होती हैं। यूपीएससी जैसी कठिन परीक्षा में सफलता पाने के लिए मानसिक संतुलन सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने अभ्यर्थियों को तनावमुक्त रहने की सलाह देते हुए कहा कि वे किसी भी प्रकार के दबाव में आए बिना पूरे आत्मविश्वास के साथ अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करें। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि असफलता कभी अंतिम नहीं होती और सफलता कभी स्थायी नहीं होती जीवन का हर अनुभव व्यक्ति को और अधिक मजबूत तथा परिपक्व बनाता है।