कलेक्टर के निर्देश पर ग्राम पंचायतों में लग रहे विशेष शिविर, नॉन-डीबीटी हितग्राहियों के बैंक व आधार विवरण संकलित
मृत पेंशनधारियों का किया गया चिन्हांकन
रायपुर, सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं के तहत व्यापक सत्यापन एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया है, जिसे पेंशनभोगियों की निरंतर पात्रता सुनिश्चित करने और धोखाधड़ी रोकने के लिए किया जाता है। इसमें वार्षिक भौतिक/डिजिटल जीवन प्रमाणन, आधार सीडिंग और आय या जीवित होने की स्थिति की जाँच शामिल है। छत्तीसगढ़ सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम छोर के व्यक्ति तक पूरी पारदर्शिता के साथ पहुंचाने के लिए प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। इसी कड़ी में कलेक्टर के मार्गदर्शन में जिलेभर में सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं के तहत व्यापक सत्यापन और डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) अपग्रेडेशन अभियान मिशन मोड पर चलाया जा रहा है। इसका उद्देश्य अपात्रों को सूची से हटाकर वास्तविक और पात्र हितग्राहियों को समय पर पेंशन का लाभ सुनिश्चित करना है।
’पोछावाड़ा में विशेष शिविर- मौके पर ही हुआ समस्याओं का समाधान’- इसी अभियान के अंतर्गत ग्राम पंचायत पोछावाड़ा के ग्राम रोहताड़ में एक विशेष पेंशन सत्यापन एवं डीबीटी शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में वृद्धावस्था, विधवा एवं दिव्यांग पेंशन योजनाओं के लाभार्थियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।उपस्थित अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा मौके पर ही बैंक खातों और आवश्यक दस्तावेजों का मिलान किया गया। समाज कल्याण विभाग के उपसंचालक ने बताया कि ग्राम पंचायत पोछावाड़ा में कुल 118 पेंशन हितग्राही पंजीकृत हैं, जिनमें से 40 हितग्राही नॉन-डीबीटी श्रेणी के थे। शिविर के दौरान त्वरित कार्रवाई करते हुए,02 हितग्राहियों के आवश्यक विवरण आगामी कार्रवाई हेतु संकलित किए गए। इसके साथ ही 02 हितग्राहियों को बैंक जाकर अनिवार्य ई-केवाईसी कराने के निर्देश और 06 हितग्राहियों को आश्वस्त किया गया कि उनकी पेंशन राशि पहले से ही सुरक्षित रूप से डीबीटी के माध्यम से उनके खातों में जा रही है।