Posted By:- Lukesh Dewangan
Posted On:- 20-Jul-2026

“विकसित भारत के लिए गति, रफ्तार और लक्ष्य आवश्यक हैं”–किंजरापु राममोहन नायडू

गति शक्ति विश्वविद्यालय के चौथे दीक्षांत समारोह में बी.टेक. एवं एमबीए कार्यक्रमों के 121 विद्यार्थियों को प्रदान की गई उपाधियाँ*

*भारत के परिवहन एवं अवसंरचना क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए ई. श्रीधरन को गति शक्ति विश्वविद्यालय द्वारा पहली मानद पीएच.डी. (डॉक्टर ऑफ फिलॉसफी) की उपाधि प्रदान*

रायपुर/नई दिल्ली। गति शक्ति विश्वविद्यालय (जीएसवी) का चौथा दीक्षांत समारोह 17 जुलाई 2026 को आयोजित किया गया। इस अवसर पर भारत सरकार के माननीय नागरिक उड्डयन मंत्री श्री किंजरापु राममोहन नायडू मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। समारोह में विशिष्ट अतिथियों के रूप में श्री ई. श्रीधरन (भारत के “मेट्रो मैन” के नाम से प्रसिद्ध एवं दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड के पूर्व प्रबंध निदेशक), डॉ. हेमांग जोशी (सांसद, वडोदरा), बड़ौदा की राजमाता महारानी श्रीमती शुभांगिनीराजे गायकवाड़, भारत सरकार के नागरिक उड्डयन सचिव श्री समीर कुमार सिन्हा तथा टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स लिमिटेड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं प्रबंध निदेशक श्री सुकरण सिंह उपस्थित रहे। समारोह में बी.टेक. एवं एमबीए कार्यक्रमों के कुल 121 विद्यार्थियों को उनकी उपाधियाँ प्रदान की गईं। पहली बार विश्वविद्यालय द्वारा मेट्रो रेल प्रबंधन में एमबीए की उपाधि भी प्रदान की गई। इस अवसर पर गति शक्ति विश्वविद्यालय ने पहली बार मानद (Honoris Causa) पीएच.डी. की उपाधि भारत के परिवहन एवं अवसंरचना क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट एवं अमूल्य योगदान के लिए श्री ई. श्रीधरन को प्रदान की। विभिन्न अध्ययन शाखाओं में शैक्षणिक उत्कृष्टता के लिए विवेक यादव, संदीप पटेल, अभिनंदन गुप्ता, ऋषव त्रिपाठी तथा सुरेश सेंगुंदरमुदलियार को स्वर्ण पदक प्रदान किए गए। वर्ष 2026 का उत्कृष्ट परियोजना पुरस्कार दुर्गेश कुमार एवं संदीप पटेल को प्रदान किया गया, जबकि वर्ष 2026 के सर्वश्रेष्ठ स्नातक विद्यार्थी का सम्मान विवेक कुमार को दिया गया।