Posted By:- Lukesh Dewangan
Posted On:- 06-Aug-2026

स्वागत से शुरू होती शिक्षा, खेल-गीतों से संवर रहा नौनिहालों का भविष्य

रायपुर. बच्चों के जीवन के शुरुआती वर्ष उनके भविष्य की दिशा तय करते हैं। इसी सोच को केंद्र में रखकर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ शासन द्वारा आंगनबाड़ी केंद्रों को केवल पोषण वितरण केंद्र नहीं, बल्कि प्रारंभिक शिक्षा, संस्कार, स्वास्थ्य और बाल विकास के समग्र केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े के मार्गदर्शन में प्रदेशभर में संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों में नवाचार आधारित गतिविधियों के माध्यम से बच्चों को सीखने के लिए आनंदमय और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराया जा रहा है।

स्वागत से शुरू होती शिक्षा, खेल-गीतों से संवर रहा नौनिहालों का भविष्य

बलरामपुर जिले के स्कूल पारा भनौरा स्थित आंगनबाड़ी केंद्र ने इस दिशा में एक प्रेरणादायी उदाहरण प्रस्तुत किया है। यह केंद्र आज नन्हे बच्चों के लिए सीखने, खेलने, संवाद करने और आत्मविश्वास विकसित करने की पहली पाठशाला बनकर उभरा है।

स्वागत से शुरू होती शिक्षा, खेल-गीतों से संवर रहा नौनिहालों का भविष्य

स्वागत चार्ट से बढ़ रहा आत्मविश्वास

केंद्र की सबसे विशेष पहल स्वागत चार्ट है। केंद्र में आने वाला प्रत्येक बच्चा अपनी पसंद के अनुसार चार्ट पर बने चित्रों में से किसी एक का चयन करता है। इसमें गले मिलना, ताली देना, हाथ मिलाना, मुट्ठी मिलाना, कोहनी मिलाना और नमस्ते जैसे विकल्प शामिल हैं। बच्चा जिस तरीके का चयन करता है, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता उसी प्रकार उसका आत्मीय स्वागत करती हैं।

स्वागत से शुरू होती शिक्षा, खेल-गीतों से संवर रहा नौनिहालों का भविष्य

इस छोटी लेकिन प्रभावशाली पहल से बच्चों का संकोच कम हो रहा है, वे स्वयं को सम्मानित और स्वीकार्य महसूस कर रहे हैं तथा केंद्र में प्रवेश करते ही मुस्कुराते हुए गतिविधियों में शामिल हो जाते हैं। इससे सामाजिक व्यवहार, संवाद कौशल, भावनात्मक अभिव्यक्ति और सकारात्मक सोच का भी विकास हो रहा है।