Posted By:- Lukesh Dewangan
Posted On:- 11-Aug-2026

विकसित भारत जी-राम ग्रामीण योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सरपंचों को दिया गया प्रशिक्षण

पंचायतों की क्षमता संवर्धन, सहभागी ग्रामीण विकास और योजनाओं के अभिसरण पर दिया गया जोर

रायपुर। ग्रामीण क्षेत्रों में योजनाबद्ध एवं सहभागी विकास को गति देने के उद्देश्य से जांजगीर-चांपा जिले में विकसित भारत जी-राम ग्रामीण योजना 2025 के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए ग्राम पंचायतों के सरपंचों का जिला स्तरीय कार्यशाला एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रशिक्षण में पंचायत प्रतिनिधियों को योजना के उद्देश्यों, प्रावधानों और ग्राम स्तर पर इसके प्रभावी क्रियान्वयन की प्रक्रिया की विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई।
प्रशिक्षण कार्यक्रम दो सत्रों में आयोजित किया गया। प्रथम सत्र में बलौदा, अकलतरा एवं बम्हनीडीह तथा द्वितीय सत्र में नवागढ़ एवं पामगढ़ जनपद पंचायतों के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायतों के सरपंचों ने सहभागिता की। प्रशिक्षण का उद्देश्य पंचायत प्रतिनिधियों की क्षमता का संवर्धन करते हुए उन्हें ग्राम विकास की बेहतर योजना तैयार करने और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए आवश्यक व्यवहारिक जानकारी उपलब्ध कराना रहा।
 प्रशिक्षण के दौरान ग्राम पंचायत विकास योजना, ग्रामीण आजीविका संवर्धन, प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन, विभिन्न शासकीय योजनाओं के अभिसरण, वित्तीय प्रबंधन, पारदर्शिता एवं जवाबदेही जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर जानकारी दी गई। पंचायत प्रतिनिधियों को स्थानीय आवश्यकताओं, उपलब्ध संसाधनों और ग्रामीणों की प्राथमिकताओं के आधार पर विकास कार्यों का चयन एवं प्राथमिकता निर्धारण करने के संबंध में मार्गदर्शन दिया गया।
प्रभारी सहायक परियोजना अधिकारी श्री गौरव शुक्ला, श्री लक्ष्मी प्रसाद राठौर एवं श्री विवेक अग्रवाल ने पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से योजना के विभिन्न प्रावधानों और क्रियान्वयन से जुड़े पहलुओं की जानकारी दी। इस दौरान ग्राम पंचायत स्तर पर विकास कार्यों की बेहतर कार्ययोजना तैयार करने, उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग करने तथा विभिन्न विभागीय योजनाओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर विशेष जोर दिया गया।
प्रशिक्षण में ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार एवं आजीविका के अवसरों के सृजन, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण एवं संवर्धन तथा ग्राम पंचायतों की विकास प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी को महत्वपूर्ण बताया गया। पंचायत प्रतिनिधियों से कहा गया कि वे स्थानीय समुदाय की सहभागिता से ग्राम विकास की योजनाएं तैयार करें और योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता तथा जवाबदेही सुनिश्चित करें। कार्यशाला के दौरान सरपंचों की योजना से संबंधित जिज्ञासाओं एवं प्रश्नों का समाधान भी किया गया। प्रशिक्षण के माध्यम से पंचायत प्रतिनिधियों की कार्यक्षमता, योजना निर्माण एवं निर्णय लेने की क्षमता को मजबूत करने का प्रयास किया गया, ताकि ग्राम पंचायत स्तर पर सुनियोजित, पारदर्शी, सहभागी एवं परिणाममूलक ग्रामीण विकास को गति मिल सके।