Posted By:- Lukesh Dewangan
Posted On:- 20-Sep-2026

कैंसर की रोकथाम, समय पर पहचान और सुलभ उपचार के लिए सरकार, चिकित्सा जगत और समाज को मिलकर करने होंगे प्रयास : मुख्यमंत्री श्री साय

रायपुर। कैंसर के विरुद्ध लड़ाई केवल बीमारी के उपचार तक सीमित नहीं है। मरीज को आधुनिक और प्रभावी उपचार उपलब्ध कराने के साथ उसका मनोबल बनाए रखना तथा उसे यह विश्वास दिलाना भी उतना ही आवश्यक है कि इस कठिन लड़ाई में वह अकेला नहीं है। चिकित्सकों का संवेदनशील व्यवहार और परिवार एवं समाज का भावनात्मक सहयोग मरीज के भीतर बीमारी से लड़ने का हौसला बढ़ाता है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज नवा रायपुर स्थित मेफेयर में बालको मेडिकल सेंटर द्वारा आयोजित चौथे बीएमसी छत्तीसगढ़ कैंसर कॉन्क्लेव-2026 के शुभारंभ अवसर पर संबोधित करते हुए यह बात कही।  मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि कैंसर आज पूरी दुनिया के सामने गंभीर स्वास्थ्य चुनौतियों में से एक है। कैंसर का नाम सुनते ही मरीज के साथ पूरा परिवार चिंता और अनिश्चितता से घिर जाता है। बीमारी का प्रभाव केवल मरीज के शरीर तक सीमित नहीं रहता, बल्कि उसकी मानसिक, पारिवारिक और आर्थिक परिस्थितियों पर भी पड़ता है। इसलिए कैंसर के उपचार में समग्र दृष्टिकोण अपनाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि चिकित्सक जब आत्मीयता और संवेदनशीलता के साथ मरीज से जुड़ते हैं तो वे केवल बीमारी का उपचार नहीं करते, बल्कि मरीज और उसके परिवार के लिए विश्वास और हौसले का आधार भी बनते हैं। चिकित्सा विज्ञान में हो रही प्रगति के साथ मानवीय संवेदना का यह पक्ष कैंसर के विरुद्ध लड़ाई को और मजबूत बनाता है।

समय पर पहचान से बढ़ती हैं प्रभावी उपचार की संभावनाएं-मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि कैंसर से लड़ाई में सबसे महत्वपूर्ण पहलुओं में से एक बीमारी की समय पर पहचान है। शुरुआती अवस्था में कैंसर की पहचान होने पर प्रभावी उपचार की संभावनाएं काफी बढ़ जाती हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने भी कैंसर सहित गंभीर बीमारियों की समय पर स्क्रीनिंग और रोकथाम को प्राथमिकता दी है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कॉन्क्लेव में उपस्थित विशेषज्ञों से आग्रह किया कि वे ऐसी आधुनिक तकनीकों, अनुसंधानों और प्रभावी उपायों पर विचार करें, जिनसे कैंसर की जल्द पहचान हो सके और उपचार को अधिक सस्ता, सुलभ तथा आम लोगों की पहुंच में लाया जा सके। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के कॉन्क्लेव चिकित्सा जगत के अनुभव, शोध और नवाचार को साझा करने का महत्वपूर्ण मंच हैं। यहां होने वाला विचार-विमर्श भविष्य की स्वास्थ्य नीतियों और उपचार पद्धतियों को नई दिशा देने में सहायक होगा।