Posted By:- Lukesh Dewangan
Posted On:- 21-Jun-2026

बाल संरक्षण और पुनर्वास की दिशा में छत्तीसगढ़ में चला व्यापक अभियान

रायपुर। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा बाल सक्षम नीति-2022 के प्रभावी क्रियान्वयन के तहत पूरे प्रदेश में 1 जून से 30 जून 2026 तक विशेष अभियान संचालित किया जा रहा है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य सड़क जैसी विषम परिस्थितियों में जीवनयापन कर रहे, भिक्षावृत्ति, बाल श्रम, कचरा संग्रहण जैसे कार्यों में संलग्न तथा संरक्षण एवं देखरेख की आवश्यकता वाले बच्चों की पहचान कर उनका सुरक्षित रेस्क्यू, संरक्षण और स्थायी पुनर्वास सुनिश्चित करना है।

 बाल संरक्षण और पुनर्वास की दिशा में छत्तीसगढ़ में चला व्यापक अभियान

 बाल संरक्षण और पुनर्वास की दिशा में छत्तीसगढ़ में चला व्यापक अभियान
अभियान के अंतर्गत बस्तर, दुर्ग, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, बालोद, मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर, सूरजपुर, सुकमा, सारंगढ़-बिलाईगढ़, नारायणपुर,रायपुर एवं बेमेतरा सहित विभिन्न जिलों में जिला प्रशासन, महिला एवं बाल विकास विभाग, जिला बाल संरक्षण इकाई, चाइल्ड हेल्पलाइन-1098, श्रम विभाग, पुलिस विभाग तथा अन्य सहयोगी संस्थाओं की संयुक्त टीमों द्वारा व्यापक स्तर पर जागरूकता, निरीक्षण एवं बचाव अभियान चलाया गया। इस दौरान बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, बाजार, होटल, ढाबा, कबाड़ी दुकान, गैरेज, निर्माण स्थल, ऑटो स्टैंड, फल-सब्जी मंडी, किराना दुकान, हार्डवेयर प्रतिष्ठान सहित विभिन्न सार्वजनिक स्थलों का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान बाल श्रम, भिक्षावृत्ति एवं असुरक्षित परिस्थितियों में रह रहे बच्चों की पहचान कर आवश्यक कार्रवाई की गई। साथ ही दुकानदारों, प्रतिष्ठान संचालकों एवं आम नागरिकों को बाल अधिकारों, बाल संरक्षण कानूनों तथा बाल सक्षम नीति के प्रावधानों की जानकारी देते हुए पंपलेट एवं पोस्टर वितरित किए गए और बच्चों के प्रति संवेदनशील व्यवहार अपनाने का संदेश दिया गया।