
रायपुर। छत्तीसगढ़ में आधारभूत रेल अधोसंरचना का तेजी से विकास हो रहा है, जिसका लाभ प्रदेश के प्रत्येक क्षेत्र और प्रत्येक नागरिक तक पहुंच रहा है। आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित रेलवे स्टेशनों के विकसित होने से यात्रियों को अधिक सुरक्षित, सुगम और सुविधाजनक यात्रा का अनुभव मिलेगा। बेहतर प्रतीक्षालय, दिव्यांगजन अनुकूल सुविधाएं, स्वच्छ परिसर, आधुनिक यात्री सुविधाएं तथा उन्नत अधोसंरचना से आम नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण रेल सेवाएं उपलब्ध होंगी।

देश के प्रमुख औद्योगिक और खनिज उत्पादक राज्यों में शामिल छत्तीसगढ़ में रेलवे नेटवर्क का विस्तार अब राष्ट्रीय लॉजिस्टिक्स और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी की जरूरतों से जुड़ रहा है। वर्तमान में प्रदेश में 51,080 करोड़ रुपये की रेल परियोजनाओं पर काम चल रहा है। छत्तीसगढ़ मध्य भारत का महत्वपूर्ण औद्योगिक एवं लॉजिस्टिक्स केंद्र है। ऐसे में मजबूत रेल नेटवर्क प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई गति देगा। रेलवे के विकास से उद्योगों की परिवहन लागत कम होगी, निवेश को प्रोत्साहन मिलेगा, ऊर्जा क्षेत्र को मजबूती मिलेगी, किसानों को बेहतर बाजार उपलब्ध होंगे तथा युवाओं के लिए रोजगार और उद्यमिता के नए अवसर सृजित होंगे।
मुख्यमंत्री श्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि डबल इंजन सरकार के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में रेल अधोसंरचना का अभूतपूर्व विस्तार हो रहा है। प्रदेश में नई रेल परियोजनाओं, दोहरीकरण, विद्युतीकरण तथा आधुनिक रेलवे सुविधाओं के विस्तार से विकास को नई दिशा मिल रही है। यह परिवर्तन विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के संकल्प को और अधिक मजबूत करेगा। केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयास से छत्तीसगढ़ में रेल इन्फ्रास्ट्रक्चर के विस्तार पर जोर दिया जा रहा है। केंद्र सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए राज्य के रेलवे बजट का आवंटन बढ़ाकर 7,470 करोड़ रुपये कर दिया है जो वर्ष 2009-14 के दौरान औसतन 311 करोड़ रुपये सालाना था। इस तरह वार्षिक औसत आवंटन में करीब 24 गुना वृद्धि हुई है। इस निवेश का प्रमुख उद्देश्य व्यस्त रेल मार्गों पर दबाव कम करना, खनिज और औद्योगिक माल की आवाजाही बढ़ाना तथा उन क्षेत्रों तक रेल संपर्क पहुंचाना है, जहां अब तक कनेक्टिविटी सीमित रही है।