Posted By:- Lukesh Dewangan
Posted On:- 20-Oct-2026

​'लइका घर' से संवर रहा ग्रामीण बचपन: कुपोषण पर प्रहार और शिक्षा की मजबूत नींव लइका घर' से संवर रहा ग्रामीण बचपन: कुपोषण पर प्रहार और शिक्षा की मजबूत नींव

रायपुर। छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में बच्चों के स्वस्थ बचपन, समुचित पोषण और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को एक साथ जोड़ने की अनूठी पहल के रूप में ‘लइका घर’ तेजी से विकसित हो रहे हैं। बच्चों को सुरक्षित, स्वच्छ और बाल-अनुकूल वातावरण प्रदान करने के साथ-साथ उनके शारीरिक, मानसिक, बौद्धिक और सामाजिक विकास को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से शुरू की गई यह योजना समाज के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत आधारशिला रख रही है।

लइका घर' से संवर रहा ग्रामीण बचपन: कुपोषण पर प्रहार और शिक्षा की मजबूत नींव

बचपन से विद्यालय तक: एक ही परिसर में संपूर्ण विकास

        प्रारंभिक अवस्था में ही बच्चों की जरूरतों पर ध्यान देकर कुपोषण की समस्या को दूर करने, उनकी सीखने की क्षमता विकसित करने और शिक्षा से निरंतर जोड़े रखने की दिशा में यह एक अत्यंत महत्वपूर्ण कदम है।

       ​इस व्यवस्था की सबसे बड़ी खूबी यह है कि इसमें बचपन से लेकर विद्यालय तक की सुविधाएं एक ही परिसर में उपलब्ध कराई जाती हैं। नगरी विकासखंड के ग्राम सियादेही का मॉडल इसका बेहतरीन उदाहरण है, जहां सात माह से तीन वर्ष तक के बच्चों की देखभाल के लिए लइका घर, तीन से छह वर्ष के बच्चों के लिए आंगनबाड़ी और उसके बाद प्राथमिक व माध्यमिक शिक्षा की सुविधा एक ही प्रांगण में संचालित हो रही है। इस एकीकृत व्यवस्था से बच्चों के विकास के विभिन्न चरणों में निरंतरता बनी रहती है। अभिभावकों को बच्चों की देखभाल और शिक्षा के लिए अलग-अलग स्थानों पर भटकना नहीं पड़ता, जिससे बच्चों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित होती है और शिक्षा के प्रति उनकी रुचि व आत्मविश्वास मजबूत होता है।