रायपुर। रायगढ़ जिले में जल संरक्षण को जनआंदोलन का स्वरूप देने के उद्देश्य से संचालित ‘मोर गांव, मोर तरिया’ एवं ‘मोर गांव, मोर पानी’ अभियान ग्रामीण क्षेत्रों में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा हैं। एक ओर जहां इन अभियानों के माध्यम से जल संरक्षण और प्राकृतिक संसाधनों के संवर्धन को बढ़ावा मिल रहा है, वहीं दूसरी ओर हजारों ग्रामीण परिवारों को स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध होने से उनकी आर्थिक स्थिति भी मजबूत हो रही है। कलेक्टर के निर्देशन एवं सीईओ जिला पंचायत श्री अभिजीत बबन पठारे के मार्गदर्शन में जिलेभर में जल संरक्षण एवं जल संवर्धन से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता के साथ संचालित किया जा रहा है। मानसून पूर्व जल संरक्षण संरचनाओं के निर्माण और मरम्मत कार्यों को गति देने के लिए ग्राम पंचायतों में बड़ी संख्या में श्रमप्रधान कार्य शुरू किए गए हैं, जिनमें ग्रामीण श्रमिक उत्साहपूर्वक सहभागिता कर रहे हैं। अभियान के अंतर्गत तालाबों का गहरीकरण, पुराने जलाशयों का जीर्णाेद्धार, खेत तालाब और डबरी निर्माण, नाला उपचार, कंटूर ट्रेंच निर्माण, मेडबंधान, जल निकासी संरचनाओं का विकास तथा अन्य प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन से जुड़े कार्य व्यापक स्तर पर किए जा रहे हैं। इन कार्यों का उद्देश्य वर्षा जल का अधिकतम संचयन सुनिश्चित करना और ग्रामीण क्षेत्रों में जल उपलब्धता को स्थायी रूप से बढ़ाना है।