रायपुर। अंतरराष्ट्रीय धूम्रपान निषेध दिवस के अवसर पर प्रदेश के विभिन्न जिलों में नशा मुक्ति एवं जनजागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन कर लोगों को तंबाकू, धूम्रपान और नशीले पदार्थों के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया गया। समाज कल्याण विभाग एवं स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त प्रयासों से आयोजित इन कार्यक्रमों में युवाओं, महिलाओं, पुनर्वास लाभार्थियों तथा आमजन की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली।

सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के बरमकेला सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में परिचर्चा सह बैठक आयोजित कर धूम्रपान एवं नशापान के विरुद्ध व्यापक जनजागृति का संदेश दिया गया। कार्यक्रम में आयुष्मान आरोग्य मंदिर बरमकेला के अधिकारी-कर्मचारी, सेक्टर अधिकारी, स्वास्थ्य सुपरवाइजर तथा मितानिनों ने सहभागिता निभाई। इस अवसर पर प्रजापिता ब्रह्माकुमारी संस्था की दीदियों ने मानसिक स्वास्थ्य, मेडिटेशन तथा तंबाकू सेवन से होने वाले दुष्प्रभावों पर विस्तृत जानकारी देते हुए स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया। इसी क्रम में समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित नवजीवन नशा मुक्ति एवं पुनर्वास केंद्र, सारंगढ़ में पुनर्वास प्राप्त कर रहे हितग्राहियों एवं स्टाफ के साथ विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। केंद्र के अधीक्षक श्री रोशन जायसवाल ने युवाओं से सभी प्रकार के नशे से दूर रहने का आह्वान करते हुए बताया कि जागरूकता और सकारात्मक वातावरण से नशे की लत पर नियंत्रण पाया जा सकता है। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों को नशा मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत नशा मुक्ति की शपथ भी दिलाई गई। वहीं गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में भारत सरकार के नशा मुक्त भारत अभियान के तहत जिला समाज कल्याण विभाग द्वारा व्यापक जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में भारत माता वाहिनी से जुड़ी महिला स्व-सहायता समूहों की महिलाएं, नशा मुक्ति एवं पुनर्वास केंद्र के लाभार्थी तथा बड़ी संख्या में आमजन शामिल हुए।