Posted By:- Dushyant dixit orai
Posted On:- 24-Apr-2026

प्रयागराज की गलियों में भटक रहे परिवार के लिए फरिश्ता बने सुमित प्रताप सिंह; अब कानपुर के कार्डियोलॉजी में होगा सोनी का मुफ्त इलाज

उरई/जालौन। मजहब और सियासत की दीवारों से दूर, जालौन के उरई से इंसानियत की एक ऐसी कहानी सामने आई है जो समाज के लिए नजीर बन गई है। प्रतापगढ़ जिले के ग्राम बाबागंज की रहने वाली सोनी जायसवाल, जिसके दिल में छेद है, आज अपनी ज़िंदगी की जंग 'इंसानियत ग्रुप' और 'वानर सेना' के कंधों पर लड़ रही है।

​प्रयागराज में इलाज के लिए दर-दर भटक रहे इस परिवार की सुध जब उरई के सुमित प्रताप सिंह को मिली, तो उन्होंने बिना देर किए पूरी टीम को सक्रिय कर दिया। विषम परिस्थितियों के बावजूद अहमद ने एम्बुलेंस मुहैया कराई, श्रीकांत पाल ने आर्थिक सहायता दी और अब कानपुर के कार्डियोलॉजी विभाग में सोनी का निशुल्क इलाज शुरू कराया जा रहा है। यहाँ कानपुर में शिव वर्मा ने खाने-पीने और वानर सेना के मुन्ना ने बच्ची की पूरी देखरेख का जिम्मा उठाया है।

​इंसानियत ग्रुप के संस्थापक सुमित प्रताप सिंह का कहना है कि अब तक लोगों की मदद से लगभग 30 से 35 हजार रुपये खर्च किए जा चुके हैं। उन्होंने संकल्प लिया है कि चाहे कितना भी पैसा खर्च हो, जब तक सोनी पूरी तरह स्वस्थ होकर अपने घर वापस नहीं जाती, यह ग्रुप चैन से नहीं बैठेगा। यह पहल साबित करती है कि इंसानियत ही सबसे बड़ा धर्म है।